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2021 तक हिमाचल प्रदेश होगा टीबी मुक्त, शिमला में 30 नवंबर तक हर कोई की होगी जांच

Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 20, 2019, 6:25 PM IST
2021 तक हिमाचल प्रदेश होगा टीबी मुक्त, शिमला में 30 नवंबर तक हर कोई की होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग ने शिमला में एक लाख से अधिक लोगों की जांच करने का लक्ष्य रखा है. (File Photo)

इस अभियान के दौरान आधुनिक उपकरणों से लोगों की जांच की जाएगी. इनमें बलगम की जांच की जाएगी और लोगों के टेस्ट भी करवाए जाएंगे. दो घंटे के अंदर पता चल जाएगा कि टीबी है या नहीं. इतना ही नहीं टीबी के अलावा मधुमेह के रोगियों की जांच भी की जाएगी.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश को टीबी (Tuberculosis) मुक्त करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान (Awareness Campaign) चलाया है. 2021 तक प्रदेश को टीबी मुक्त करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग (Health Department) ने टीमें गठित की है, जो घर घर जाकर लोगों की जांच कर रहा है. यह अभियान 30 नवंबर तक पूरे जिले में चलाया जाएगा. इसके तहत शिमला (Shimla) जिले में डाक्टरों की करीब 300 से ज्यादा टीमें 1.20 लाख के आसपास लोगों का स्वास्थ्य जांच और इलाज (Health checkup and Treatment) करेगी. इस दौरान जिन लोगों की जांच की जानी है उन्हें पहले से ही विभाग की ओर से चिह्नित कर लिया गया है.

13 वर्ग के लोगों की होगी जांच

इनमें करीब 13 वर्गों के लोग हैं. इसके तहत जिनमें टीबी होने का ज्यादा खतरा है, उनके परिवार के सदस्यों, घरों, हॉस्टलों, वृद्धाश्रमों, बालआश्रमों, झुग्गी झोपडिय़ों में रहने वाले मजदूरों, शिक्षण संस्थानों, सड़क पर रह रहे बेघर लोगों और मजदूरी करने वाले शामिल हैं. टीबी के लक्षण दिखने पर उसे काबू करने के लिए दवाइयां भी दी की जाएगी.

मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ जितेंद्र चौहान ने बताया कि इस अभियान के दौरान आधुनिक उपकरणों से लोगों की जांच की जाएगी.


टीबी के साथ मधुमेह के रोगियों की भी होगी जांच

मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ जितेंद्र चौहान ने बताया कि इस अभियान के दौरान आधुनिक उपकरणों से लोगों की जांच की जाएगी. इनमें माइक्रोस्कोपी, सीवी नेट से बलगम की जांच की जाएगी और लोगों के टेस्ट भी करवाए जाएंगे. दो घंटे के अंदर पता चल जाएगा कि टीबी है या नहीं. इतना ही नहीं टीबी के अलावा मधुमेह के रोगियों की जांच भी की जाएगी. इसके लिए जिले में आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं. उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उदेश्य टीबी से लोगों को बचाना है, अगर कोई इससे ग्रसित है तो उसे समय पर उपचार देना है.

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First published: November 20, 2019, 6:25 PM IST
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