MLA भत्ता वृद्धि का विरोध: किसी ने मांगी भीख तो किसी ने किए बूट पॉलिश

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 3, 2019, 5:21 PM IST
MLA भत्ता वृद्धि का विरोध: किसी ने मांगी भीख तो किसी ने किए बूट पॉलिश
रवि कुमार दलित बुधवार को सीएम आवास के बाहर चंदा जुटाएंगे.

आंकलन के मुताबिक, बढ़े हुए यात्रा भत्ते (Travel Allowance) से सरकारी खजाने पर 2 करोड़ 10 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. 2016 में भी सरकार ने माननीयों का यात्रा भत्ता बढ़ाया था. वैसे हिमाचल (Himachal Pradesh) में प्रत्येक माननीय को मासिक 2 लाख 10 हजार रुपये सैलरी मिलती है.

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शिमला.हिमाचल में मानसून सत्र (Monsoon session) के दौरान विधायकों, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का यात्रा भत्ता (Travel Allowance) बढ़ाया गया है, जिसका आम जनता विरोध कर रही है.अब लोग सरकार के इस फैसले का विरोध अपने अंदाज में कर रहे हैं. सुंदरनगर (Sunder Nagar) में समाजसेवी संस्था ने यह अभियान शुरू किया था, जिसके बाद अब शिमला और सिरमौर में लोगों ने विधायकों के लिए चंदा जुटाया है.

लोग विधायकों के लिए मांग रहे पैसे
शिमला में सोमवार को जहां कर्म चंद भाटिया नाम के शख्स ने रिज मैदान पर बूट पॉलिश किए और विधायकों और मंत्रियों के लिए पैसे जुटाए. इसके अलावा, शिमला लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले और संजौली में सब्जी विक्रेता रवि कुमार दलित ने भी भीख मांग कर पैसे जुटाए हैं. रविकुमार दलित बुधवार को प्रदेश सचिवालय के सामने कुछ इसी तरह का प्रदर्शन करेंगे और पैसे जुटाएंगे. समाजसेवी रवि कुमार दलित अब तक कुल 1150 रूपये भीख मांगकर इकटठा किए हैं. बुधवार को वह सीएम आवास और राज्य सचिवालय के बाहर भीख मांगेंगे.

केवल सिंघा ने किया था विरोघ

सदन में केवल सीपीआईएम विधायक राकेश सिंघा के अलावा किसी ने भी यात्रा भत्ता बढ़ने का विरोध नहीं किया, लेकिन सदन के बाहर कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने यात्रा भत्ता बढ़ाए जाने का विरोध किया था. 31 दिसंबर को मानसून सत्र के दिन तीन बिल पारित किए, जिसमें एक बिल विधायकों के लिए दूसरा मंत्रियों और तीसरा विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के लिए थे.

ढाई से चार लाख हुआ भत्ता
सभी माननीयों का यात्रा भत्ता अब ढाई लाख से बढ़ाकर 4 लाख सालाना किया गया है, जबकि पूर्व विधायकों का सवा लाख से बढ़ाकर दो लाख किया गया है. इसमें विदेश यात्रा भी शामिल है. इसके अलावा प्रदेश के बाहर टैक्सी बिलों का भुगतान भी इसी राशि से होगा. माननीय इस धनराशि से परिवार के साथ देश-विदेश घूम सकते हैं.
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शिमला के रिज मैदान पर चंदा जुटाते कर्म चंद भाटिया.
शिमला के रिज मैदान पर चंदा जुटाते कर्म चंद भाटिया.


इतना बोझ पड़ेगा सरकारी खजाने पर
एक आंकलन के मुताबिक, बढ़े हुए यात्रा भत्ते से सरकारी खजाने पर 2 करोड़ 10 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. 2016 में भी सरकार ने माननीयों का यात्रा भत्ता बढ़ाया था. वैसे हिमाचल में प्रत्येक माननीय को मासिक 2 लाख 10 हजार रुपये सैलरी मिलती है, जिसमें 55 हजार बेसिक सैलरी, 90 हजार चुनाव क्षेत्र भत्ता, 5 हजार कम्पयूटर भत्ता, 15 हजार टेलिफोन भत्ता, 30 हजार ऑफिस भत्ता, 15 हजार डाटा एंट्री आप्रेटर भत्ता मिलता है.

सोशल मीडिया पर गुब्बार
माननीयों का यात्रा भत्ता बढ़ाना प्रदेश के लोगों को इतना नागवार गुजरा कि सोशल मीडिया पर नेताओं के खिलाफ भड़ास निकाली गई. हिमाचल प्रदेश पर 52 हजार करोड़ रूपये का कर्ज चढ़ चुका है. सरकार हर महीने कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन देने के लिए कर्ज तो लेती ही है. साथ में लिए हुए कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए भी कर्ज लिया जाता है. उधर माननीयों के भत्ते बढ़ने पर जनता में काफी रोष है. शिमला में जब लोगों से बात की गई तो लोगों में गुस्सा साफ दिखा. शिमला में राजकुमार शर्मा, चमन छाजटा, नंदलाल आदि ने माननीयों के भत्ता बढ़ाने का इस तरह से विरोध जताया.

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First published: September 3, 2019, 5:08 PM IST
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