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हिमाचल पब्लिक सर्विस कमीशन की चेयरपर्सन डॉ. रचना गुप्ता की नियुक्ति को लेकर विवाद, कांग्रेस बोली-PMO तक पहुंचा मामला

हिमाचल पब्लिक सर्विस कमीशन की चेयरपर्सन डॉ. रचना गुप्ता की नियुक्ति को लेकर विवाद, कांग्रेस बोली-PMO तक पहुंचा मामला

रचना गुप्ता को राज्य लोकसेवा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की थी. निदेशक विजिलेंस आईएएस अधिकारी राकेश शर्मा, धर्मशाला से कर्नल राजेश शर्मा और चौपाल से डॉ. ओपी शर्मा को आयोग का सदस्य बनाया गया है.

रचना गुप्ता को राज्य लोकसेवा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की थी. निदेशक विजिलेंस आईएएस अधिकारी राकेश शर्मा, धर्मशाला से कर्नल राजेश शर्मा और चौपाल से डॉ. ओपी शर्मा को आयोग का सदस्य बनाया गया है.

Himachal Public Service Commission Controversy: डॉक्टर रचना गुप्ता की नियुक्ति को लेकर ज्यादा विवाद है. वह इससे पहले भी आयोग की सदस्य रह चुकी हैं. उनका कार्यकाल हाल ही में खत्म हुआ है. 2017 में भाजपा सरकार ने उन्हें आयोग का सदस्य नियुक्त किया था और अब दोबारा आयोग के लिए चुनी गई हैं और उन्हें चेयरपर्सन बनाया गया है. लगतार दूसरी बार उनके चुनाव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की चेयरपर्सन डॉक्टर रचना गुप्ता और दूसरे सदस्यों की नियुक्ति पर विवाद हुआ है. बुधवार देर शाम को राज्पाल की ओर से आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति को लेकर नोटिफिकेशन जारी की गई थी. वहीं, गुरुवार सुबह आयोग के सदस्यों और अध्यक्ष की शपथ ग्रहण का कार्यक्रम तय किया गया था, लेकिन अब यह कार्यक्रम टल गया है. कांग्रेस ने आयोग की चेयरपर्सन डॉक्टर रचना गुप्ता और दूसरे सदस्यों की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं.

गौरतलब है कि सरकार ने बुधवार को  रचना गुप्ता को राज्य लोकसेवा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की थी. निदेशक विजिलेंस आईएएस अधिकारी राकेश शर्मा, धर्मशाला से कर्नल राजेश शर्मा और चौपाल से डॉ. ओपी शर्मा को आयोग का सदस्य बनाया गया है.

शिमला में कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आयोग में चहेतों को नियुक्ति देने का प्रयास किय गया है. भर्तियों को लेकर जय राम सरकार हमेशा विवादों में रही हैं और रात के अंधेरे में अधिसूचना क्यों जारी की गई.  नरेश चौहान बोले-संवैधानिक संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई है. बुधवार शाम 6 बजे अधिसूचना जारी की गई और गुरुवार सुबह साढ़े 8 बजे शपथ होनी थी. इन नियुक्तियों के पीछे का क्या आधार है, क्या सीएम की व्यक्तिगत रूचि है.  कांग्रेस ने कहा कि पीएमओ तक ये मामला पहुंचा है और सरकार से पूछा कि  किस प्रकिया के तहत नियुक्ति की गई है.

वहीं, कांग्रेस की महिला नेता अलका लांबा ने मामले पर ट्वीट किया है और कहा कि भाजपा सरकार जाते समय रेवड़ियां बांट रही है. रचना गुप्ता की नियुक्ति का मामला पीएमओ तक पहुंच गया है.अलका लांबा ने कहा कि रचना की नियुक्ति को लेकर भाजपा के अंदर ही सीएम के खिलाफ सवाल उठने लगे हैं.

समाजिक कार्यकर्ता ने हाईकोर्ट को लिखी शिकायत

मामले को लेकर समाजिक कार्यकर्ता आशीष भट्टाचार्य ने भी हिमाचल हाईकोर्ट को ईमेल के जरिये शिकायत भेजी है. उन्होंने कहा कि नियुक्ति के नियमों को दरकिनार किया गया है. सरकार ने नियुक्ति के दौरान सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस की उल्लंघना की है. फिलहाल पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है.

क्यों है विवाद

बता दें कि डॉक्टर रचना गुप्ता की नियुक्ति को लेकर ज्यादा विवाद है. वह इससे पहले भी आयोग की सदस्य रह चुकी हैं. उनका कार्यकाल हाल ही में खत्म हुआ है. 2017 में भाजपा सरकार ने उन्हें आयोग का सदस्य नियुक्त किया था और अब दोबारा आयोग के लिए चुनी गई हैं और उन्हें चेयरपर्सन बनाया गया है. लगतार दूसरी बार उनके चुनाव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.

Tags: Himachal Government, Himachal pradesh, Shimla News

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