हिमाचल पुलिस की उपलब्धि :SP साइबर क्राइम संदीप धवल को केंद्रीय गृहमंत्री पदक सम्मान 
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हिमाचल पुलिस की उपलब्धि :SP साइबर क्राइम संदीप धवल को केंद्रीय गृहमंत्री पदक सम्मान 
हिमाचल के एसपी क्राइम संदीप धवल.

Police Medal For SP Crime: घोटाले के मुख्य आरोपी कंपनी के मालिक राकेश कुमार शर्मा को दुबई (Dubai) में ढूंढ निकाला. हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, नोएडा (Noida) से लेकर उड़िसा तक जांच की, कई कई दिनों तक इन क्षेत्रों की खाक छानी और आरोपियों को गिरफ्तार (Arrest) किया.

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शिमला. हिमाचल पुलिस (Himachal Police) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. SP साइबर क्राइम (SP Cyber Crime), संदीप धवल केंद्रीय गृह मंत्री पदक से सम्मानित होंगे. उत्कृष्ट जांच के लिए यह पदक केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दिया जाता है. इंडियन टैक्नोमैक कंपनी के बहुचर्चित 6 हजार करोड़ के घोटाले की जांच के लिए संदीप धवल (Sandeep Dhawal) को यह सम्मान मिला है. धवल इस साल यह उपलब्धि हासिल करने वाले हिमाचल (Himachal) के इकलौते अधिकारी हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 2020 के लिए पदकों की घोषणा की गई है.

19 साल से पुलिस में हैं धवल
संदीप धवल 2001 में एचपीएस अधिकारी के रूप में हिमाचल पुलिस में भर्ती हुए थे, इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपनी टीम और सभी आला अधिकारियों को दिया. उन्होंने कहा कि इस पदक से प्रोत्साहन मिला है, पूरे विभाग के आत्मबल में बढ़ौतरी हुई है.

क्या था मामला
वर्ष 2014 में यह घोटाला सामने आया था, शुरूआती जांच में पता चला था कि पांवटा स्थित टैक्नोमैक कंपनी ने सेल्स और वैट टेक्स की चोरी की और हिमाचल सरकार को 2100 करोड़ का चूना लगाया. जैसे जैसे जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि कंपनी ने बैंकों और कई विभागों को भी चूना लगाया, घोटाले की रकम 6 हजार करोड़ को पार कर गई. 2016 में इसकी जांच सीआईडी को सौंपी गई. एसआईटी बनाई गई. एसआईटी की अध्यक्षता संदीप धवल ने की. एसआईटी न दो साल की लंबी जांच कर 22 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें आधे दर्जन से ज्यादा सरकारी अधिकारी शामिल है.


दुबई से ढूंढ निकाला मुख्य आरोपी
घोटाले के मुख्य आरोपी कंपनी के मालिक राकेश कुमार शर्मा को दुबई में ढूंढ निकाला. हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, नोएडा से लेकर उड़िसा तक जांच की, कई कई दिनों तक इन क्षेत्रों की खाक छानी और आरोपियों को गिरफ्तार किया. अनगिनत दस्तावेजों की जांच की, करीब 5 हजार ट्रकों की डिटेल निकाल कर छानबीन की. मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है. मामले में कुछ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी. मामले के मुख्य आरोपी और कंपनी के मालिक की जानकारी केंद्रीय जांच एजेंसियो की मदद से हासिल की.इंटरपोल ने आरोपी को दुबई में गिरफ्तार किया. अब विदेश मंत्रालय के सहयोग से आरोपी के प्रत्यर्पण की प्रकिया चल रही है.
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