शिमला की बेटी डॉ. रजिया सुल्तान देश की बेस्ट 10 रिसर्च स्कॉलर्स में शामिल

कोटखाई की रजिया को सम्मानित किया गया है.
कोटखाई की रजिया को सम्मानित किया गया है.

कुंबड़ा के ही दो सगे भाई-बहन ने जेईई एवं एक अन्य छात्रा ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण करके चौपाल क्षेत्र का नाम रोशन किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 1:46 PM IST
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चौपाल. हिमाचल प्रदेश के शिमला (Shimla) जिले में विकास खंड चौपाल के कुंबडा गांव की बेटी रजिया डॉ. सुल्तान ने अपने क्षेत्र सहित पूरे हिमाचल (Himachal Pradesh) का मान बढ़ाया है. रजिया सुलतान को देश का बेस्ट रिसर्च स्कालर ऑफ द ईयर चुना गया है. डॉ. रजिया सुलतान हिमाचल से इकलौती ऐसी महिला रिसर्च स्कोलर है, जिसने आल इंडिया रैंकिंग (All India Rank) में टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है. रजिया के कामयाबी की इस खबर से पूरे चौपाल क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ रही है.

कोटखाई में हुई शादी
रजिया सुल्तान का जन्म चौपाल उपमण्डल में देवत पंचायत के कुंबड़ा गांव में पिता हनीफ मोहम्मद व माता हनफ बेगम के घर हुआ. वर्ष 2010 में रजिया का विवाह कोटखाई निवासी मस्तान किमटा एवं सकिला किमटा के बेटे रमीज किमटा से हुआ. रजिया के दो बेटे राहिल और आरिज है.

एचपीयू से पीएचडी
रजिया की जमा दो तक की पढ़ाई चौपाल के सरकारी स्कूल में हुई है. इसके बाद हिमाचल विश्वविद्यालय से बीए से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई की. गौर रहे की रजिया सुल्तान की एमफिल और पीएचडी की पढ़ाई 2 बच्चों की माँ बनने के बाद पूरी हुई है. कुंबड़ा गाँव के होनहार छात्र एक के बाद एक मुकाम हासिल कर क्षेत्र का नाम चमका रहे. कुंबड़ा गांव की बेटी डॉ० रजिया सुलतान को वर्ष 2020 के लिए बेस्ट स्कॉलर ऑफ़ द ईयर चुना गया है, जिसके लिए उन्हें चेन्नई में नवीन अनुसंधान डेवलपर्स और प्रकाशक (आईआरडीपी) द्वारा अवार्ड प्रदान किया जाएगा.



डॉक्ट्रेट की उपाधि
कुछ ही समय पहले कुंबड़ा के ही दो सगे भाई-बहन ने जेईई एवं एक अन्य छात्रा ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण करके चौपाल क्षेत्र का नाम रोशन किया है. डॉक्ट्रेट की उपाधि हासिल करने वाली रजिया अपने समुदाय से जिला शिमला की इकलौती महिला स्कॉलर है. रजिया का कहना है कि उन्हें यह मुकाम हासिल करने में उनके माता पिता के अलावा सास ससुर,पति एवं ससुराल के अन्य सदस्यों का विशेष सहयोग रहा है. डॉ० रजिया ने बताया कि पढ़ाई को लेकर उनका जूनून इस कद्र रहा है कि उन्होंने लॉक डाउन में भी अपने बच्चों की देखभाल के साथ-साथ 70 से अधिक राष्ट्रिय और अंतर्राष्ट्रीय कार्यशालाओं और कार्यक्रम में हिस्सा लिया तथा यूजीसी केयर जर्नल में पेपर प्रकाशित किये हैं, जिसके लिए उन्हें बेस्ट रिसर्च स्कॉलर ऑफ़ द ईयर चुना गया है.

गुरुजनों को दिया श्रेय
डॉ. रजिया सुलतान ने अपनी सफलता का श्रेय प्रोफेसर मुनीश दुल्टा, प्रोफ़ेसर ममता मोक्टा, प्रोफ़ेसर सिम्मी अग्निहोत्री, प्रोफ़ेसर एसके महाजन, प्रोफ़ेसर एसएस चौहान सहित अपने विभाग लोक प्रशासन के समस्त स्टाफ को दिया है. डॉ० रजिया की इस उपलब्धि से कुंबडा गांव सहित समूचे चौपाल क्षेत्र में खुशी की लहर है.
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