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Water Crisis: शिमला में बारिश के बीच पेयजल संकट, तीसरे दिन हो रही पानी की सप्लाई

Water Crisis: शिमला में बारिश के बीच पेयजल संकट, तीसरे दिन हो रही पानी की सप्लाई

पानी की किल्लत को लेकर हाल ही में नगर निगम की विशेष बैठक में भी पार्षदों ने जल निगम के खिलाफ विरोध जताया.

पानी की किल्लत को लेकर हाल ही में नगर निगम की विशेष बैठक में भी पार्षदों ने जल निगम के खिलाफ विरोध जताया.

Water Crisis in Shimla: पांच जनवरी को होने वाली जल निगम प्रबंधन की बीओडी में यह मामला लाया जाएगा. बीओडी में इस पर जो फैसला होगा उस पर कार्य किया जाएगा. मेयर सत्या कौंडल ने बताया कि पानी की किल्लत शहर में लगातार बढ़ती जा रही है. शहरवासियों को तीसरे दिन पानी मिल रहा है. साथ ही 2017 के बाद मर्ज्ड एरिया के लोगों को नए पेयजल कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सर्दियों के मौसम में शहर में पेयजल संकट (Water Crisis in Shimla) गहरा गया है. शहरवासियों को इन दिनों तीसरे दिन पानी मिल रहा है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पानी की किल्लत को लेकर हाल ही में नगर निगम की विशेष बैठक में भी पार्षदों ने जल निगम के खिलाफ विरोध जताया. पार्षदों का तर्क था कि लोगों को सर्दियों में भी आखिर पानी की किल्लंत क्यों पेश आ रही हैं? इस पर कपंनी ने जवाब दिया कि लो वॉल्टेज के चलते सप्लाई प्रभावित हो रही है.

इस पर पार्षद किमी सूद पार्षद ने सदन में सवाल उठाया कि लोगों को तीसरे दिन पानी क्यों आ रहा है. इसके साथ ही शहर स्मार्ट सिटी की ओर अग्रसर हैं, ऐसे में लोगों को स्मार्ट सुविधा मिलनी चाहिए. लेकिन कपंनी आज भी लो वॉलटेज बता कर किनारा कर रही हैं, जो कि गलत है पार्षद ने बताया कि  जनता उनसे सवाल करती है कि गर्मियों में पानी में गाद की शिकायत से सप्लाई प्रभावित हो रही हैं.तो वहीं सर्दियों में लॉ वॉलेटज से दिक्कत आ रही हैं. इससे तीसरे दिन पानी की सप्लाई हो रही हैं. सदन में बैठे सभी पाषदों ने कपंनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.

पानी की किल्लत पर पार्षदों ने उठाए सवाल

पार्षद के जवाब पर कपंनी ने बताया कि अभी लो वॉलटेज की दिक्कत को दुर करने के लिए अपग्रेडेशन नहीं हुआ हैं.जिस पर सदन में खूब हंगामा हुआ. पार्षदों ने कपंनी से सवाल उठाया कि हर बार यही सुना जाता है, लेकिन हकीकत में कार्य नहीं हो पाया हैं. इस पर निगम आयुक्त ने बताया कि इस अम्रृत मिशन-2 के तहत जो फंड आया है, वह पानी और सीवरेज के लिए इस्तेमाल किया जाना हैं. ऐसे में इससे मिलने वाले फंड को लॉ वॉलटेज की समस्या को दूर करने के लिए इस्तेमाल कर सकता है. पार्षद ने बताया कि जब वर्ष 2018 में जल निगम प्रबंधन कपंनी बनी थी. उस दौरान बोला गया था कि 14 स्टॉरेज टेंक बनाए जाएंगे. इससे पानी स्टोर किया जाएगा, जिससे पानी की सप्लाई प्रभावित नहीं होगी यह कार्य भी नहीं हुआ है. कपंनी का कहना है कि इस मामले को सब कमेटी में रखा जाएगा उसके बाद आगे कि काईवाई अमल में लाई जाएगी. उन्होंने पूछा कि वर्ष 2017 में और कपंनी 2018 को बनी हैं. मर्ज एरिया में लोग पानी के कनेक्शन के लिए भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं.

बीओडी की बैठक में उठाया जाएगा मामला

इस मामले पर हाउस में निर्णय हुआ है कि पांच जनवरी को होने वाली जल निगम प्रबंधन की बीओडी में यह मामला लाया जाएगा. बीओडी में इस पर जो फैसला होगा उस पर कार्य किया जाएगा. मेयर सत्या कौंडल ने बताया कि पानी की किल्लत शहर में लगातार बढ़ती जा रही है. शहरवासियों को तीसरे दिन पानी मिल रहा है. साथ ही 2017 के बाद मर्ज्ड एरिया के लोगों को नए पेयजल कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं. ऐसे में यह मामले बीओडी की बैठक में उठाए जाएंगे ताकि शहरवासियों को लाभ मिल सके.

Tags: Bad weather, Himachal pradesh, Shimla News, Shimla Tourism

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