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Himachal WEather: सुबह-सुबह बारिश, ज्यूरी में फिर गिरे पत्थर, किन्नौर हाईवे हुआ बहाल

Himachal WEather: सुबह-सुबह बारिश, ज्यूरी में फिर गिरे पत्थर, किन्नौर हाईवे हुआ बहाल

शिमला के ज्यूरी में हाईवे खोल दिया गया था, लेकिन अब यह फिर से बंद हो गया है.

शिमला के ज्यूरी में हाईवे खोल दिया गया था, लेकिन अब यह फिर से बंद हो गया है.

Weather in Himachal: सोलन जिले में कंडाघाट के पास देर रात पहाड़ी दरकने से कालका-शिमला नेशनल हाईवे बंद हो गया. हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई. बड़ी संख्या में पर्यटक वाहन हाईवे पर फंसे रहे. हाईवे पर भूस्खलन करीब सवा नौ बजे हुआ.

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    शिमला. हिमाचल प्रदेश में बुधवार सुबह से बारिश हो रही है. मंडी, कांगड़ा सहित प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का आलम है. वहीं, शिमला के रामपुर के ज्यूरी में नेशनल हाईवे फिर बंद हो गया है. इससे पहले, मंगलवार शाम को इस हाईवे को बहाल कर दिया गया था और एकतरफा ट्रैफिक खोला गया था. लेकिन बुधवार सुबह फिर से पहाड़ी से बड़े पत्थर गिरने से इसे बंद कर दिया गया है. बाद में फिर से हाईवे खोल दिया गया .

    मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के मै 10 जिलों में सात से 11 सितंबर तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिले शामिल हैं वहीं, पूरे प्रदेश में 13 सितंबर तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं.

    ज्यूरी में नेशनल हाईवे 33 घंटे बाद छोटे वाहनों के लिए खुला
    शिमला जिले के रामपुर बुशहर में ज्यूरी के पास बाधित नेशनल हाईवे-5 पर करीब 33 घंटे बाद वाहनों के लिए बहाल किया गया था. मंगलवार को दूसरे दिन भी पहाड़ी से बार-बार चट्टानें गिर रही थीं. इससे प्रशासन और एनएच प्राधिकरण को मार्ग बहाल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. एनएच पर यातायात ठप रहने से किन्नौर जिले के बागवानों और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था. लेकिन बुध‌वार सुबह यह हाईवे फिर से बंद हो गया है. अब दोबारा हाईवे खोल दिया गया है.


    कालका शिमला हाईवे बंद
    सोलन जिले में कंडाघाट के समीप देररात पहाड़ी दरकने से कालका-शिमला नेशनल हाईवे बंद हो गया. हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप होने से आम लोगों समेत बड़ी संख्या में पर्यटक वाहन हाईवे पर फंसे रहे. हाईवे पर भूस्खलन करीब सवा नौ बजे हुआ. इसके बाद हाईवे पर शिमला और कालका की तरफ से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. वहीं, आम जनता और पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि जल स्तर बढ़ सकता है.

    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के मैदानी और मध्य पर्वतीय 10 जिलों में सात से 11 सितंबर तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.

    तापमान में गिरावट जारी
    मंगलवार को प्रदेश में मौसम मिलाजुला बना रहा. मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 32.2, भुंतर 30.4, बिलासपुर 29.5, कांगड़ा 29.5, चंबा 28.3, सुंदरनगर 27.5, हमीरपुर 28.3, सोलन 28.5, धर्मशाला 28.6, केलांग 21.3, कल्पा 23.6, शिमला 22.6 और डलहौजी में 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. डलहौजी में 18, मंडी 11, धर्मशाला छह, सुंदरनगर तीन मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई. सोमवार रात को नयनादेवी में 125, हमीरपुर 72, झंडूता 30, नाहन 29, जोगिंद्रनगर 26, मंडी 22, भौरंज 18, घुमारवीं सात और पालमपुर-पांवटा साहिब में छह मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई.

    Tags: Himachal Tourist, Shimla Monsoon, Weather updates

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