HRTC कर्मचारियों की मेहनत लाई रंग, आला अधिकारियों ने थपथपाई पीठ

कार्यकारी निदेशक ने कहा कि हड़ताल के चलते कर्मचारियों की छुटियां रदद की गई थी. साथ ही बसों का रात्रि ठहराव बंद किया गया था, जिससे लोगों को बस सेवाएं मिल सके.

News18 Himachal Pradesh
Updated: September 11, 2018, 5:05 PM IST
HRTC कर्मचारियों की मेहनत लाई रंग, आला अधिकारियों ने थपथपाई पीठ
सांकेतिक तस्वीर.
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Updated: September 11, 2018, 5:05 PM IST
हिमाचल प्रदेश में सोमवार को निजी बसों की हड़ताल के दौरान प्रदेश पथ परिवहन निगम के हजारों कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला. इससे, कर्मचारियों की कड़ी मेहनत से प्राइवेट बसों की हड़ताल का आंशिक असर रहा.

लोगों को बेहतर बस सेवाएं देने के लिए कर्मचारियों ने 14 से 16 घंटों तक ड्यूटी दी. इस पर हिमाचल पथ परिवहन निगम के आला अधिकारियों ने कर्मचारियों की पीठ थपथपाई और प्रदेशवासियों का सहयोग देने पर आभार जताया.

हिमाचल पथ परिवहन निगम के कार्यकारी निदेशक एके शर्मा ने कहा कि 10 सितंबर को निजी बसों के हड़ताल पर जाने से निगम की बसों में 8 से 10 लाख यात्रियों ने यात्रा की, जो रोजाना 4 लाख तक होती है.

वहीं, निगम की बसों ने एक दिन में 50 से 60 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई की. शर्मा ने कहा कि 2900 रूट्स पर चलने वाली बसों ने 5700 चक्कर लगाए, जोकि रोजाना 4200 तक लगाए जाते हैं.

कार्यकारी निदेशक ने कहा कि हड़ताल के चलते कर्मचारियों की छुटियां रदद की गई थी. साथ ही बसों का रात्रि ठहराव बंद किया गया था, जिससे लोगों को बस सेवाएं मिल सके.

एके शर्मा ने निजी बसों को हड़ताल पर जाने के दौरान सरकारी बसों को सहयोग देने पर प्रदेशवासियों का आभार जताया.

बता दें कि सोमवार को प्रदेशभर में 4200 निजी बसें सड़कों पर नहीं उतरी थी. ग्रामीण इलाकों में लोगों को खासी परेशानी हुई. हालांकि, कई रूटों पर अतिरिक्त सरकारी बसें चलाकर लोगों को राहत दी गई.
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