हिमाचल में बड़े भूकंप की आशंका?, 7 माह में 14 बार थर्राई देवभूमि

किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए टोल फ्री नम्बर 1077/1070/112 पर सहायता के लिए सम्पर्क किया जा सकता है.

News18 Himachal Pradesh
Updated: July 30, 2019, 10:02 AM IST
हिमाचल में बड़े भूकंप की आशंका?, 7 माह में 14 बार थर्राई देवभूमि
सोमवार को लाहौल स्पीति में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.
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Updated: July 30, 2019, 10:02 AM IST
हिमाचल प्रदेश में लगातार भूकंप के झटके लग रहे हैं. बीते सात दिन में तीन बार हिमाचल में भूकंप के हल्के झटके लगे हैं. राजस्व और आपदा प्रबंधन ने बताया कि प्रदेश में सोमवार को भी भूकम्प के झटके महसूस किए गए, जिसका अधिकेन्द्र (ऐपीसेंटर) जिला लाहौल-स्पीति था और इसकी तीव्रता 4.3 (मैग्निच्यूड) मापी गई.

सुबह 9 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए. इसकी गहराई 20 किलोमीटर थी. उन्होंने कहा कि राज्य में जनवरी, 2019 के बाद से 4.3 या इससे कम तीव्रता के 14 झटके महसूस किए गए है, जिसमें से चम्बा में 6 बार, किन्नौर में 3, मंडी में 2, शिमला और कांगड़ा में एक-एक बार भूकम्प दर्ज किए गए है. इनमें से अधिकांश झटके 20 किलोमीटर की अधिकतम गहराई वाले थे. इससे पहले 23 और 24 जुलाई को सूबे में किन्नौर और शिमला में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.

कांगड़ा में 1905 में आया था भूकंप
प्रवक्ता ने कहा कि अतीत में राज्य में कई भूकम्प दर्ज किए गए है और 1905 का कांगड़ा भूकम्प इतिहास में अब तक का सबसे शक्तिशाली दर्ज किया गया है जिसमें लगभग 20 हजार लोगों की जान गई और एक लाख से अधिक घर ढह गए. तब से राज्य में तीन मैग्निच्यूड के 297 भूकम्प दर्ज किए गए. वर्ष 1975 किन्नौर में आया भूकम्प प्रदेश के लिए एक और बढ़ा झटका था.

बड़ा भूकम्प आने की संभावना
विभिन्न शोधों से सामने आया है कि भविष्य में हिमालय के इस क्षेत्र में बड़ा भूकम्प आने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता, क्योंकि काफी समय से कोई बड़ा भूकम्प इस क्षेत्र में नहीं आया है. उन्होंने कहा कि भूकम्प कुछ क्षणों में समुचे समुदाय को नुकसान पहुंचा सकता है और बड़ी संख्या में लोग बेघर हो सकते हैं और उन्हें पालयन करना पड़ सकता है.

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हिमाचल प्रदेश सरकार विभिन्न कार्यक्रमों द्वारा लोगों में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जागरूकता पैदा कर रही है और समय-समय पर चेतावनी भी जारी कर रही है और विशेषकर आम लोगों को भूकम्प रोधी आवास बनाने के लिए प्रेरित कर रही है. उन्होंने कहा कि लोगों को आपदाओं से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए और इसके लिए आपदा किटस तैयार रखनी चाहिए, जिसमें दवाइयां व खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए. आपदा के समय संयम बनाए रखना चाहिए और सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेना चाहिए तथा टोल फ्री नम्बर 1077/1070/112 पर सहायता के लिए सम्पर्क करना चाहिए.

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First published: July 30, 2019, 9:59 AM IST
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