बड़ा सवाल: सुशांत राजपूत केस की जांच CBI कर सकती है तो BJP सांसद रामस्वरूप शर्मा की संदिग्ध मौत की क्यों नहीं?

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajpoot) की संदिग्ध मौत की जांच सीबीआई कर सकती है तो क्या एक सांसद की संदिग्ध मौत की जांच सीबीआई (CBI) नहीं कर सकती है.

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajpoot) की संदिग्ध मौत की जांच सीबीआई कर सकती है तो क्या एक सांसद की संदिग्ध मौत की जांच सीबीआई (CBI) नहीं कर सकती है.

Ram Swaroop Sharma Suicide Case: रामस्वरूप शर्मा का जन्म 10 जून 1958 को हुआ था. राजनीति में कदम रखने से पहले वह सरकारी नौकरी करते थे. बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ी और फिर राजनीति के दंगल में उतर गए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 19, 2021, 8:35 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश के मंडी (Mandi) जिले से भाजपा सांसद रामस्वरूप शर्मा (Ramswaroop Sharma) की संदिग्ध मौत पर कई सवाल उठ रहे हैं. सांसद के कथित तौर पर सुसाइड करने की बात किसी के भी गले उतर रही है. चर्चाएं हैं कि अगर बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajpoot) की संदिग्ध मौत की जांच सीबीआई कर सकती है तो क्या एक सांसद की संदिग्ध मौत की जांच सीबीआई (CBI) नहीं कर सकती है. दबी जुबान में अब इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग उठने लगी है.

कांग्रेस ने उठाई मांग

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर (Kuldeep Singh Rathore) ने कहा कि एक सांसद की संदिग्ध हालत में मौत कई गंभीर सवाल पैदा करती है. राठौर ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने अपने वक्तव्य में कहा है कि कुछ दिनों पूर्व रामस्वरूप शर्मा से उनकी फोन पर लंबी मंत्रणा हुई और उनका व्यवहार भी बिल्कुल सामान्य था. अचानक ऐसे क्या हालात हो गए कि उन्होंने मौत को गले लगा लिया? इसलिए उनकी मौत की जांच सीबीआई से करवाई जानी चाहिए. इससे पहले, कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य ने भी सांसद की मौत की जांच की मांग की थी. शिमला ग्रामीण से कांग्रेस विधायक और पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य ने कहा था कि उनकी मांग को राजनीति से ना जोड़ा जाए और कहा कि सांसद राम स्वरूप की जिस परिस्थिति में मौत हुई है. उस पूरे प्रकरण की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच होनी चाहिए.

मंडी में अंतिम यात्रा के दौरान दिवंगत सांसद का शव ले जाते हुए.

सीएम ने भी दिया बयान

पूरे मामले पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि दिवंगत सांसद राम स्वरूप शर्मा (Ram Swaroop Sharma Death) के परिजनों की मांग के अनुरूप उनकी आत्महत्या मामले की जांच पर आगामी कार्रवाई अम्ल में लाई जाएगी. गुरुवार को जोगिंद्रनगर में राम स्वरूप शर्मा के अंतिम संस्कार में भाग लेने के बाद जयराम ठाकुर ने कहा कि मामले की जांच दिल्ली पुलिस (Delhi Police) कर रही है और इस संदर्भ में वहां मामला भी दर्ज हो चुका है. वह इस विषय पर परिवार के लोगों से मिलकर बात करेंगे और उसी आधार पर आगामी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा. सीबीआई जांच (CBI) या फिर राज्य सरकार की ऐजेंसी से जांच की मांग पर परिवार के लोगों से बातचीत के आधार पर ही आगामी निर्णय लिया जाएगा.

मंडी में भाजपा सांसद के अंतिम संस्कार में शामिल हुए सीएम जयराम ठाकुर.



क्यों उठ रहे सवाल

दरअसल, सांसद बीते सोमवार को ही दिल्ली गए थे. इससे पहले,13 मार्च को उन्होंने मंडी जिले में कोरोना वैक्सीनेशन की पहली डोज ली थी और लोगों से भी अपील की थी कि वैक्सीनेशन लगवाएं. वहीं, 12 मार्च को वह मंडी शिवरात्रि महोत्सव के आगाज पर पहुंचे थे. सीएम से कांगड़ा के फतेहपुर में भी मिले थे. ऐसे में सवाल उठता है कि जो शख्स वैक्सीन लेकर जीने के बारे में सोचता है और सावर्जनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेता है, वह सुसाइड कैसे कर सकता है.? वहीं, मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला था, इसलिए मौत को लेकर सवाल उठना लाजिमी है.

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