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कोटखाई दुष्कर्म-मर्डर: शिमला की पूर्व SP सौम्या पर दवाब बनाने पर IG जैदी फिर सस्पेंड

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: January 16, 2020, 10:31 AM IST
कोटखाई दुष्कर्म-मर्डर: शिमला की पूर्व SP सौम्या पर दवाब बनाने पर IG जैदी फिर सस्पेंड
कोटखाई मामले से जुड़े सूरज हत्याकांड में आरोपी आई जैदी. (File Photo)

Shimla Kotkhai Gang rape and Murder: हिमाचल के शिमला से 60 किलोमीटर दूर कोटखाई में 4 जुलाई 2017 को एक छात्रा लापता हो गई थी. दो दिन बाद छह जुलाई को जंगल से उसकी लाश बरामद हुई थी.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला के बहुचर्चित कोटखाई दुष्कर्म और मर्डर (Kotkhai Gang rape and Murder) केस से जुड़े सूरज लॉकअप मर्डर (Suraj Lock up Murder) में सरकार ने आईजी जहूर एच जैदी (IG Jahoor H Jaidee) को फिर सस्पेंड (Suspend) कर दिया है. गृह विभाग ने निलंबन के आदेश जारी किए हैं. जैदी पर सूरज हत्याकांड में शिमला (Shimla) की पूर्व एसपी सौम्या (Somya Sambsiwan) पर दबाव बनाने का आरोप है. ऑल इंडिया सर्विस डिसिप्लीन एंड अपील रूल्स के तहत यह कार्रवाई की गई है. अब जैदी एडीजी होमगार्ड हैडक्वार्टर में रिपोर्ट करेंगे.

इसलिए किया गया सस्पेंड
जानकारी के अनुसार, गुड़िया हत्याकांड के आरोपी सूरज की कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 को हत्या कर दी गई थी. इसमें जैदी समेत नौ पुलिस कर्मी आरोपी हैं. केस का ट्रायल चंडीगढ़ में चल रहा है. 8 जनवरी को मामले की सुनवाई चंडीगढ़ में हुआ था और वहां शिमला की पूर्व एसपी सौम्या ने कोर्ट में आईजी के खिलाफ दवाब बनाने का आरोप लगाते हुए बयान दर्ज करवाया था.
कोर्ट ने दिए थे कार्रवाई के आधेश

सीबीआई कोर्ट ने शिमला के डीजीपी को नोटिस जारी किया और कहा था कि वह आईजी जहूर जैदी के खिलाफ कार्रवाई करें. अभियोजन पक्ष की गवाह सौम्या सांबशिवन मंडी के पंडोह में आईपीएस कमांडेंट तीन आईआरबी के रूप में तैनात हैं.

सौम्या ने यह कहा था
शिमला की पूर्व एसपी सौम्या ने अदालत में बयान में कहा था कि सुनवाई से पहले उन पर इतना दबाव डाला गया कि वह परेशान हो गईं. ऐसी स्थिति में उनके लिए काम करना मुश्किल हो गया था. उन्हें मानसिक दबाव झेलना पड़ा. उन्होंने अदालत में कहा था कि प्रतिदिन हालात इतने कठिन हो गए थे कि मेरे पीएसओ, स्टेनो ने फोन तक बंद कर दिया है.सौम्या ने कहा कि लगातार फोन कर मुझ पर बयान बदलने के लिए दबाव डाला गया. सौम्ना ने कोर्ट में दिए बयान में कहा था कि जैदी ने मुझ से फोन पर कहा कि मैं वकीलों की एक टीम और 30 पेज की प्रश्नावली का सामना करने के लिए तैयार हूं. मुझे उम्मीद है कि आप सीबीआई को इसकी सूचना नहीं देंगी. इससे मैं मानसिक रूप से परेशान हो गई थी. इसके बाद मुझे धर्मशाला में 10 दिसंबर 2019 को डीजीपी को तत्काल मामले की सूचना देनी पड़ी. सूचना के बाद उनका फोन आना बंद हो गया, लेकिन मेरे पीएसओ से मेरी लोकेशन रोजाना जानने की कोशिश की गई.

यह है मामला
हिमाचल के शिमला से 60 किलोमीटर दूर कोटखाई में 4 जुलाई 2017 को एक छात्रा लापता हो गई थी. दो दिन बाद छह जुलाई को जंगल से उसकी लाश बरामद हुई थी. एसआईटी ने स्थानीय युवक समेत पांच मजदूरों को गिरफ्तार किया. इनमें सूरज भी आरोपी था. कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 को सूरज की मौत हो गई. सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से ही सूरज की मौत हुई थी.

ये बनाए गए थे आरोपी
इसी केस में सीबीआई ने आईजी जहूर एच जैदी, शिमला के पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी, ठयोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल्स सूरत सिंह, मोहन लाल, रफिक अली और कांस्टेबल रंजीत को आरोपी बनाया. इन आरोपियों के खिलाफ शिमला की सीबीआई कोर्ट में केस चल रहा था, लेकिन वहां इनकी तरफ से कोई वकील पेश नहीं हुआ, जिस कारण सुप्रीम कोर्ट ने केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर करने का आदेश दिया था. अब मामले की सुनवाई 24 जनवरी को होगी.

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First published: January 16, 2020, 10:29 AM IST
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