• Home
  • »
  • News
  • »
  • himachal-pradesh
  • »
  • IGMC टेंडर विवाद: कंपनी ने कहा-युकां के आरोप निराधार, माफी ना मांगी तो मानहानि का केस

IGMC टेंडर विवाद: कंपनी ने कहा-युकां के आरोप निराधार, माफी ना मांगी तो मानहानि का केस

शिमला का आईजीएमसी अस्पताल. ( FILE PHOTO)

IGMC Tender Issue: आईजीएमसी में पिछले दिनों प्रशासन ने रसोई आउटसोर्स करने के लिए निजी कंपनी को टेंडर दिया. इसमें करीब 4.96 करोड़ रुपये के हिसाब से मरीजों को सालाना भोजन उपलब्ध करवाने की बात सामने आई.

  • Share this:

शिमला. हिमाचल प्रदेश (Shimla) के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी अस्पताल (IGMC Shimla) शिमला में मरीजों को खाना वितरण टेंडर प्रणाली पर उठ रहे सवालों को लेकर अब कंपनी ने अपना पक्ष रखा है. कंपनी के संस्थापक ज्ञान चौहान और सीईओ राजीव नंदा ने कहा कि युवा कांग्रेस (Yuva Congress) के कार्यकारी अध्यक्ष यदुपति ठाकुर ने जो आरोप लगाए हैं वे बेबुनियाद हैं. उन्होंने कहा कि यदुपति ठाकुर ने इस टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से उनकी कंपनी को ठेस पहुंचाने और वितीय क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया है.

माफी न मांगी तो कानूनी कार्रवाई को तैयार रहें यदुपति

कंपनी ने कहा कि यदुपति ठाकुर को 10 दिनों के भीतर माफी मांगने की मांग की है यदि यदुपति ठाकुर 10 दिनों के भीतर में माफी नहीं मांगते हैं तो उनके खिलाफ कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज करवाया जाएगा.उन्होंने कहा कि यदोपति ठाकुर ने कंपनी पर निराधार आरोप लगाए हैं.उन्होंने दावा किया कि आईजीएमसी का टेंडर उन्हें ई टेंडरिंग प्रक्रिया के सभी नियमों के तहत मिला है. अस्पताल प्रशासन ने ऑनलाइन टेंडर निकाले थे, जिसमें उनकी कंपनी ने भी भाग लिया था. बाकी कंपनियों की अपेक्षा कम दर पर मरीजों को भोजन उपलब्ध करवाने की शर्त पर टेंडर मिला है. कंपनी का सालाना टर्नओवर 50 करोड़ है.

2017 में कंपनी को किया था ब्लैकलिस्ट

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी ने साल 2017 में बिना सूचना दिए उन्हें टेंडरिंग प्रक्रिया से ब्लैक लिस्ट कर दिया था.इसके बाद कंपनी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कोर्ट ने देश भर में टेंडरिग प्रक्रिया में भाग ले सकने का फैसला दिया था. आईजीएमसी में पिछले दिनों प्रशासन ने रसोई आउटसोर्स करने के लिए निजी कंपनी को टेंडर दिया. इसमें करीब 4.96 करोड़ रुपये के हिसाब से मरीजों को सालाना भोजन उपलब्ध करवाने की बात सामने आई.

मामले को लेकर युवा कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया था कि नियमों को ताक पर रखते हुए लाभ पहुंचाने के लिए कंपनी को टेंडर दिया है.कंपनी द्वारा अपना पक्ष रखने के बाद मामला और ज्यादा उलझता जा रहा है अब देखना होगा कि युवा कांग्रेस और आईजीएमसी प्रशासन का अगला कदम क्या रहेगा. हालांकि IGMC प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वे दो सप्ताह के भीतर टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाली कंपनी के दस्तावेज जांचेंगे, यदि जांच प्रक्रिया में दस्तावेज गलत पाए जाएंगे तो टेंडर रद्द किया जाएगा.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन