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स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए IGMC पूरी तरह चौकन्ना, पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध करवाने की मांग

Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: October 10, 2019, 11:54 AM IST
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए IGMC पूरी तरह चौकन्ना, पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध करवाने की मांग
स्क्रब टायफस, डेंगू की तरह स्वाइन फ्लू भी एक संक्रमण है, जिससे हर साल कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है. (सांकेतिक तस्वीर)

सर्दियों में स्वाइन फ्लू अपना रंग दिखाना शुरू कर देता है. अस्पताल प्रशासन ने स्वाइन फ्लू के कहर से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.

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शिमला. सर्दियों का मौसम शुरू होते ही सर्दियों में फैलने वाली बीमारियों के प्रति शिमला स्थित राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) चौकन्ना हो गया है. राज्य में सर्दियों ने दस्तक दे दी है और सर्दियों में स्वाइन फ्लू (Swine Flu) अपना रंग दिखाना शुरू कर देता है. अस्पताल प्रशासन ने स्वाइन फ्लू के कहर से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर हैं. IGMC के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. जनक राज ने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार स्वाइन फ्लू के कहर को कम करने के लिए अस्पताल प्रशासन जागरुकता शिविर (Awareness Campaign) लगाएगा. इसके साथ ही अस्पताल में दवाइयों की कोई कमी न हो इसके लिए पर्याप्त दवाइयों का प्रबंध किया गया है.

लक्षण दिखते ही डॉक्टर से करें संपर्क

उन्होंने बताया कि स्क्रब टायफस (Scrub Typhus), डेंगू (Dengue) की तरह स्वाइन फ्लू भी एक संक्रमण है, जिससे हर साल कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है. उन्होंने बताया कि इस बीमारी से बचने के लिए लोगों को अपने आस पड़ोस में सफाई रखना बहुत ही जरूरी है और शुरूआती लक्षण दिखते ही उचित परामर्श लेना आवश्यक है. उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू का लक्षण भी सामान्य वायरल बुखार की तरह ही होता है, इसलिए लोग शुरुआत में बीमारी को नजरअंदाज करते हैं.

IGMC
 डॉ. जनक राज ने बताया कि स्वाइन फ्लू के कहर को कम करने के लिए अस्पताल प्रशासन जागरुकता शिविर लगाएगा.


फेफड़े में वायरस के पहुंचने से बढ़ जाता है संक्रमण

स्वाइन फ्लू में सर्दी, जुकाम, तेज बुखार, शरीर दर्द आदि समस्या होती है. स्वाइन फ्लू के वायरस से संक्रमित ज्यादातर लोगों को सिर्फ सर्दी व जुकाम ही होता है. वे खुद ठीक भी हो जाते हैं, लेकिन फेफड़े में वायरस के पहुंचने पर उसका संक्रमण बढ़ जाता है. इसके सांस लेने में परेशानी होने लगती है. ऐसे में स्थिति गंभीर हो जाती है.

इन्हें कर सकता है प्रभावित
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सर्दी, जुकाम, बुखार, शरीर दर्द के साथ सांस लेने में तकलीफ होने पर तुंरत इलाज जरूरी है. सर्दी, जुकाम व बुखार से पीड़ित बच्चे का सुस्त होना स्वाइन फ्लू का लक्षण हो सकता है. उन्होंने बताया कि छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, कैंसर और मधुमेह ग्रसित मरीज इस बीमारी से ज्यादा प्रभावित होते हैं. यदि उन्हें बुखार, सिरदर्द और छींक आने जैसे समस्या दिखाई दे तो वे तुरंत डॉक्टर की सलाह लें.

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First published: October 10, 2019, 11:54 AM IST
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