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IGMC शिमला में लंगर के बाद अब सराय विवाद, फ्री की सुविधा के लिए जा रहे रुपये

शिमला का आईजीएमसी अस्पताल. (FILE PHOTO)

शिमला का आईजीएमसी अस्पताल. (FILE PHOTO)

IGMC News: सराय बतौर मैनेजर का कहना है कि वैसे तो लंगर सराय में निशुल्क ठहरा जा सकता है. लेकिन लोग अपनी श्रद्धा से यहां पर संस्था को पैसे भी देते हैं, जबकि यहां ठहरने के लिए 50 की रसीद भी दी जाती है.

  • News18Hindi
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शिमला. हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल आईजीएमसी लगातार सुर्खियों में रहता है. इस बार मामला आईजीएलसी में लंगर घर के बाहर लंगर सराय को लेकर है. जहां आईजीएमसी प्रशासन ने एक निजी संस्था को सराय चलाने का जिम्मा सौंपा है. लेकिन नियमों और शर्तों के मुताबिक,इस सराय में अस्पताल आने वाले मरीजों और तीमारदारों को मुफ्त में सोने की सुविधा दी जाती है. लेकिन निजी संस्था द्वारा सराय में ठहरने वाले लोगों से 50 रुपए प्रति शुल्क वसूला जा रहा है. इससे निजी संस्था और आईजीएमसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि सराय में ठहरने वाले मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि वह अपनी श्रद्धा से सराय में ठहरने के लिए पैसे चुकाते हैं, लेकिन निजी संस्था द्वारा वसूली जा रही राशि नियमों के खिलाफ है.

लंगर सराय में मरीजों से ठहरने की वसूली जा रही राशि,प्रशासन अनभिज्ञ
हालांकि अस्पताल प्रशासन इस मामले पर अनभिज्ञ है जबकि करीब छ माह पहले जब सराय की व्यवस्था और दिमाग संभालने के लिए जो टेंडर आवंटित किए गए थे उस में यह सुविधा निशुल्क प्रदान की जानी थी. अब जब नई संस्था को सराय का जिम्मा मिला है तो निजी संस्था मरीजों और तीमारदारों से 50 रुपए प्रति बेड वसूल रही है. हालांकि कुछेक मरीज और तीमारदार एक साथ 700 से लेकर 1000 रुपए भी यहां ठहरने का चुका रहे हैं. इस मामले को लेकर न्यूज़ 18 की टीम ने मरीजों और तीमारदारों से बात कि तो उन्होंने कहा कि वे अस्पताल में अपना इलाज के लिए बहुत दूर से आते हैं लेकिन पैसे कके अभाव के चलते वे होटल में नहीं ठहर पाते हैं. जिसके चलते लंगर ग्रह के पास बनी सराय में ही ठहरना उचित समझते हैं. उन्होंने कहा हालांकि लंगर सराय में मुफ्त में सकते हैं. लेकिन यहां मुफ्त में रहना उन्हें सही नहीं लगता है. इसलिए कुछ एक राशि संस्था को देते हैं. वह कई बार 1 सप्ताह से ज्यादा दिनों तक यहां रुकते हैं तो ऐसे में कभी 500 तो कभी ₹1000 भी चुका देते हैं.

निजी संस्था का दावा लोग श्रद्धा से देते हैं ठहरने के पैसे
सराय मैनेजर का कहना है कि वैसे तो लंगर सराय में निशुल्क ठहरा जा सकता है. लेकिन लोग अपनी श्रद्धा से यहां पर संस्था को पैसे भी देते हैं, जबकि यहां ठहरने के लिए 50 की रसीद भी दी जाती है.उन्होंने बताया कि यहां रहने के लिए श्रद्धा से ही पैसे दिए जाते हैं. बता दें कि हाल ही में अस्पताल प्रशासन और सामाजिक संस्था ऑलमाइटी के बीच लंगर को लेकर विवाद उपजा है, जिस पर सरकार में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. लंगर चलाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने नोफल संस्था को टेंडर आवंटित किया है जो 6 माह पहले से लंगर सराय चला रही है. अब देखना होगा लंगर सराय की नई संस्था को लंगर ग्रह का संचालक संचालन कब शुरू करेगी. लेकिन लंगर सराय के भीतर चल रही अवैध वसूली पर क्या अस्पताल प्रशासन कोई कार्यवाही करेगी या ऐसे ही श्रद्धा के नाम पर मरीजों और तीमारदारों से उगाही करती रहेगी यह जांच का विषय है.

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