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रेप केसों पर हिमाचल को भी चाहिए एमपी जैसा कानून, आंकड़े तो यही कहते हैं…

News18Hindi
Updated: December 7, 2017, 1:53 PM IST
रेप केसों पर हिमाचल को भी चाहिए एमपी जैसा कानून, आंकड़े तो यही कहते हैं…
प्रतीकात्मक तस्वीर.
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Updated: December 7, 2017, 1:53 PM IST
क्या हिमाचल प्रदेश सरकार को भी मध्य प्रदेश सरकार की तरह 12 साल की उम्र तक की लड़कियों के साथ रेप या गैगरेंप करने वाले अपराधियों को फांसी की सजा देने जैसे कानून बनाना चाहिए? आंकड़े तो इस तरफ इशारा करते हैं कि हिमाचल में भी ऐसा कानून होना चाहिए. क्योंकि देवभूमि कहे जाने वाले हिमाचल में रेप के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल में 50 फिसदी से ज्यादा रेप के मामलों में नाबालिग पीड़ित हैं. एनसीआरबी के मुताबिक, हिमाचल में साल 2016 में 258 रेप पीड़ित मामले रिकार्ड किए गए है, जिसमें 148 नाबालिग हैं.

बड़ी बात ये है कि 99 प्रतिशत केसों में आरोपी पीड़ितों के ही जानकार हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि 6 पीड़ित ऐसे हैं, जिनकी उम्र 6 साल के कम है. 13 पीड़ितों की आयु 12 साल से कम है. 67 पीड़ितों की आयु 16 साल से कम और 69 पीड़ितों की आयु 18 से कम से कम है.

यह पूरे प्रदेश के लिए चिंता का विषय है. उतर भारत में हिमाचल के अलावा पंजाब एक ओर राज्य है जहां 50 फिसदी रेप विक्टिम नाबालिग हैं. इसी आयु वर्ग में जम्मु और कश्मीर, उतराखंड और हरियाणा राज्य में रेप के कम मामले हैंय

बता दें 2015 में भी हिमाचल में 284 में से 150 रेप पीड़ित थे, जिनकी आयु 18 साल से कम थी और 5 की आयु 6 साल से कम थी.

भाजपा और कांग्रेस ने किया समर्थन
बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत्त ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पारित विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि 12 साल से कम और नाबालिग बच्चियों के दुष्कर्म के मामले पर दोषी को फांसी की सजा दी जानी चाहिए. मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार का यह साहसिक कदम है. यह कानून सारे देश में लागू तो तो इससे महिलाओं के खिलाफ क्राइम रेट जरूर कम होगा.

वहीं, कांग्रेस प्रदेश महासचिव नरेश चौहान ने कहा कि विधेयक का कांग्रेस पार्टी भी समर्थन करती है. जिस तरह देश में घटनाएं घट रही हैं। ऐसे कानून होने से उस पर नियंत्रण लगेगा। भारत सरकार को भी इस मामले में आगे बढ़कर कानून को पूरे देश में लागू करना चाहिए। हिमाचल सरकार भी इस दिशा में जरूर पहल करेगी।

एमपी जैसा प्रावधान हो प्रदेश में : बॉबी
शिमला में ‘अलमाईटी ब्लेसिंग’ नाम से सामाजिक संस्था चलाने वाले सर्वजीत बॉबी कहते हैं कि प्रदेश सरकार को भी इसी तरह का कानून बनाना चाहिए. स्कूली बच्चों को स्कूलों में सेल्फ डिफेंस की ट्रैनिंग मिलनी चाहिए, ताकि वे मुश्किल हालात में निपट सकें.

प्रदेश में क्राइम में कांगड़ा सबसे आगे
हिमाचल में क्राइम मामलों में कांगड़ा सबसे ऊपर है. यहां इस साल जनवरी से अक्तूबर तक 2984 केस दर्ज किए गए हैं. प्रदेश के सभी थानों में इस दौरान 15068 आपराधिक केस दर्ज किए गए हैं. इस लिस्ट में शिमला 2072 मामले के साथ दूसरे नंबर पर है. इसके बाद आता है मंडी का नंबर. जहां 2036 पुलिस केस रिपोर्ट हुए हैं.

दस महीने में रेप के 207 मामले और 92 मर्डर
प्रदेश में बीते दस महीने में रेप के 207 मामले दर्ज किए गए हैं. इसमें कांगड़ा और मंडी में 32-32 केस दर्ज किए गए हैं. शिमला में 24 युवतियों के साथ रेप के केस दर्ज किए गए हैं. इसके बाद सिरमौर में 21 रेप केस पुलिस के पास पहुंचे हैं.
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