हिमाचल में 8.66 लाख बेरोजगार और सरकार नॉन-हिमाचलियों को बांट रही नौकरियां!

7th पे कमीशन के आधार पर 11th पे मेट्रिक्स लेवल पर अपॉइंट किए कैंडीडेट्स का पे स्केल 67700 से Rs 2,08,700 तक रहेगा.
7th पे कमीशन के आधार पर 11th पे मेट्रिक्स लेवल पर अपॉइंट किए कैंडीडेट्स का पे स्केल 67700 से Rs 2,08,700 तक रहेगा.

हिमाचल सचिवालय में क्लर्क की भर्ती हुई थी. इसमें दूसरे राज्यों के 16 लोगों की नौकरी मिली थी. इस भर्ती पर काफी विवाद हुआ था.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में सरकारी नौकरियों (Government Jobs) में नॉन-हिमाचलियों को मौका और रोजगार देने पर सूबे की सरकार फिर घिरती जा रही है. ताजा मामला शिक्षा विभाग (Education Department) में विज्ञापित लेक्चरर के 396 पदों से जुड़ा है. 396 पदों पर लोक सेवा आयोग की ओर से आवेदन मांगे गए हैं और इनमें दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं. 154 पदों पर दूसरे राज्य के लोग आवेदन कर सकते हैं.

दो नवंबर को इस संबंध में विज्ञापन जारी किया गया था. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि बेरोजगारी दर में हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के देशभर में तीसरे स्थान पर है और यहां की सरकार दूसरे राज्यों के लोगों को नौकरियां बांट रही है.

हिमाचल में बेरोजगारों की फौज
हिमाचल में बेरोजगारों (Non-Employment) की फौज है. श्रम एवं रोजगार विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 70 लाख की आबादी वाले हिमाचल प्रदेश में 8,66,092 बेरोजगार हैं. इसमें 4,88,301 पुरुष और 3,77,791 महिलाएं शामिल हैं. मार्च 2019 तक जुटाए गए आंकड़ों में सबसे ज्यादा 1,94,796 बेरोजगार कांगड़ा में हैं. इसके बाद सीएम सिटी मंडी का नंबर हैं. यहां 1,59,624 लोग बेरोजगार हैं. सूबे की राजधानी शिमला में 80,637 बेरोजगार हैं. सबसे कम 4,800 बेरोजगार लाहौल स्पीति में है.
बेरोजगारों की शैक्षणिक योग्यता


हिमाचल में 8,66,092 बेरोजगार में से 75,046 ऐसे हैं, जिनकी शैक्षणिक योग्यता पोस्ट ग्रेजुएशन है. इसके अलावा, बेरोजगार ग्रेजुएट 1,35,069, दसवीं पास 6,15,309, अंडर मैट्रिक 40,119 और 549 अनपढ़ बेरोजगार हैं.

मार्च 2019 तक जुटाए गए आंकड़ों में सबसे ज्यादा 1,94,796 बेरोजगार कांगड़ा में हैं.
मार्च 2019 तक जुटाए गए आंकड़ों में सबसे ज्यादा 1,94,796 बेरोजगार कांगड़ा में हैं.


शिक्षक महासंघ ने जताया विरोध
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के शिमला जिले के अध्यक्ष अशोक वर्मा ने इस मामले पर कहा कि हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं. हिमाचल में काफी बेरोजगारी है. ऐसे में सरकार बाहरियों को नौकरियां दे रही है. उन्होंने कहा कि महासंघ इस बारे में सरकार के पास लिखित में अपना विरोध दर्ज करवाएगा.

यह बोले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि देश में त्रिपुरा और हरियाणा के बाद हिमाचल बेरोजगारी में तीसरे स्थान पर है. बावजूद, जयराम सरकार गैर हिमाचलियों के जरिये प्रवक्ताओं के पदों पर भरने जा रही है, जिसका कांग्रेस विरोध करती है. इसके अलावा, राठौर ने कहा कि यह सरकार गैर-हिमाचलियों के लिए काम कर रही है.

पहले भी हो चुका है विवाद
हिमाचल सचिवालय में क्लर्क की भर्ती हुई थी. इसमें दूसरे राज्यों के 16 लोगों की नौकरी मिली थी. इस भर्ती पर काफी विवाद हुआ था. हिमाचल सचिवालय में कर्मचारी आयोग हमीरपुर के जरिए क्लर्क की भर्ती हुई थी. 155 क्लर्को में बिहार, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से संबंध रखने वाले 16 लोग चयनित हो गए थे. इन पदों के लिए साक्षात्कार नहीं हुए थे. मौजूदा सरकार ने तर्क दिया था कि यह भर्ती कांग्रेस कार्यकाल में हुई थी. चौतरफा विरोध के बाद सरकार को कैबिनेट में भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन करना पड़ा था. हालांकि, अब तक यह नियम लागू नहीं हो पाए हैं.

नई भर्ती के विज्ञापन में ये लिखा है
विज्ञापन में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. निर्देश में ‘पांचवें’ बिंदु में कहा गया है कि दूसरे राज्यों के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी का माना जाएगा और उन्हें आरक्षण और फीस छूट नहीं मिलेगी. इससे साफ है कि गैर-हिमाचली भी प्रवक्ता बनने के लिए पात्र होंगे और सामान्य श्रेणी के लिए 154 पदों के लिए वह अप्लाई कर सकते हैं.

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