Home /News /himachal-pradesh /

Indo-Pak Partition: Facebook की मदद से पाकिस्तान के सलीम ने 75 साल बाद शिमला में देखा ‘अपना घर’

Indo-Pak Partition: Facebook की मदद से पाकिस्तान के सलीम ने 75 साल बाद शिमला में देखा ‘अपना घर’

पाकिस्तान के सलीम कुरेशी ने शिमला की पुरानी तस्वीर साझा की थी.

पाकिस्तान के सलीम कुरेशी ने शिमला की पुरानी तस्वीर साझा की थी.

India Pakistan Partition story: पाकिस्तान के सलीम कुरेशी का जन्म 1933 में शिमला के लेडी रीडिंग अस्पताल में हुआ था. सलीम कुरेशी ने 1946 की स्कूल की तस्वीरें भी साझा की और बताया कि वह शिमला के एडवर्ड स्कूल में पढ़ते थे. उनके पिता फौज में थे और 35 साल शिमला में रहे. छोटा शिमला के न्यू फ्लावरडेल के रहने वाले मोहित बग्गा ने सलीम के दिए फोटो के अनुसार शहर में घूमकर उनका घर ढूंढ निकाला. जाखू में पीसी चैंबर के पास उनका यह घर मिला. बग्गा ने 15 मिनट वीडियो कॉल कर सलीम को उनका घर दिखाया.

अधिक पढ़ें ...

    शिमला. भारत-पाकिस्तान के विभाजन (Indo-Pakistan Partition) की जब भी बात होगी तो हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर का जिक्र जरूर होगा. क्योंकि भारत-पाकिस्तान के विभाजन की रुपरेखा शिमला में लिखी गई थी. भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर शिमला (Shimla) के कई किस्से हैं, जो इतिहास में दर्ज हैं. विभाजन के दौरान देश से कई लोगों को पाकिस्तान जाना पड़ा.

    उस दौरान शिमला छोड़ने पर मजबूर हुए पाकिस्तानी इंजीनियर सलीम कुरैशी ने करीब 75 साल बाद ऑनलाइन क्लब की मदद से शिमला में अपना घर ढूंढ निकाला. पाकिस्तान में बैठे 88 वर्षीय सलीम ने वीडियो कॉल पर न सिर्फ घर देखा, बल्कि सोशल मीडिया पर इसे शेयर भी किया.

    जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर इंडिया-पाकिस्तान हेरिटेज क्लब नाम से चल रहे ऑनलाइन क्लब में सलीम ने कुछ दिन पहले एक पोस्ट शेयर की थी. पेशे से टेक्सटाइल इंजीनियर रहे सलीम का कहना था कि वह साल 1933 में शिमला में पैदा हुए थे. उनके पिता सेना में थे. शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल से शुरुआती पढ़ाई करने वाले सलीम ने लिखा कि वह शिमला के सभी नामी जगहों को जानते हैं. यहां कई जगहों के नाम भी लिखे, जहां दोस्तों के साथ आना-जाना होता था. उस घर का भी जिक्र किया, जिसमें वह किरायेदार थे. इच्छा जताई कि जिंदगी के आखिरी पड़ाव में वह अपना यह घर देखना चाहते हैं.

    इस क्लब से शिमला के कई लोग भी जुड़े हैं. इनमें एक छोटा शिमला के न्यू फ्लावरडेल के रहने वाले मोहित बग्गा ने सलीम के दिए फोटो के अनुसार शहर में घूमकर उनका घर ढूंढ निकाला. जाखू में पीसी चैंबर के पास उनका यह घर मिला. बग्गा ने 15 मिनट वीडियो कॉल कर सलीम को उनका घर दिखाया. आसपास के रास्ते और सड़कें भी दिखाईं. यह देखकर सलीम भावुक हो गए, बोले कि शिमला में सब बदल गया है. जहां रास्ते नहीं थे, वहां सड़कें बन गई हैं.

    आजादी से पहले शिमला में रहने वालों की यादें ताजा कर रहा क्लब

    पेशे से इंजीनियर मोहित बग्गा ने बताया कि इससे पहले भी पाकिस्तान के दो लोगों ने शिमला में अपने घर की फोटो भेजी थी. जब तलाश की तो ये घर कैथू में मिले. कहा कि क्लब में दुनिया भर के लोग जुड़े हैं और क्लब के जरिये कई लोग शिमला में अपने घर को देख चुके हैं. मोहित बग्गा ने अनसीन शिमला के नाम से एक किताब भी लिखी है, जिसमें आजादी से पहले के शिमला की 350 से अधिक अनदेखी तस्वीरें हैं.

    Tags: Himachal pradesh, India pakistan war, Shimla, Shimla News

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर