...तो PM नरेंद्र मोदी का फेवरेट इंडियन कॉफी हाउस शिमला हो जाएगा बंद!

शिमला का इंडियन कॉफी हाउस 1957 से यहां चल रहा है.

शिमला का इंडियन कॉफी हाउस 1957 से यहां चल रहा है.

Indian Coffee House Shimla: शिमला के कॉफी हाउस से शहर के बुजुर्गों की यादें जुड़ी हैं. कोरोनाकाल में कॉफी हाउस के बंद होने की खबरों को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने इसके कर्मियों की मदद के लिए पोस्ट डाली हैं और इसे बंद ना होने देने के लिए आर्थिक मदद की अपील की है.

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शिमला. पहाड़ों की रानी शिमला के जिस कॉफी हाउस की कॉफी के पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) भी दीवाने हैं, उस पर ताला लटकने की नौबत आ गई है. जी हां, आप सही सुन रहे हैं. कोरोना महामारी के दौर में हम हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के इंडियन कॉफी हाउस (Indian Coffee House Shimla) की बात कर रहे हैं. यह कॉफी हाउस स्थानीय लोगों के साथ-साथ शिमला आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के बीच भी मशहूर है. लेकिन कोरोना महामारी के कारण अब इस कॉफी हाउस के बंद होने की नौबत आ गई है.

साल 1957 में स्थापित यह कॉफी हाउस शिमला के ऐतिहासिक मॉल रोड पर स्थित है. यहां कॉफी के अलावा उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पूर्व से लेकर पश्चिम भारत तक के सभी व्यंजन इस कॉफी हाउस में बनाए जाते हैं, जिसका स्वाद चखने के के लिए देश विदेश के पर्यटकों के साथ स्थानीय लोग भी खूब आनन्द लेते हैं. देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु से लेकर वर्तमान में प्रधानमंत्री पीएम मोदी भी कॉफी के शौकीन रहे हैं, लेकिन कोरोना वायरस की मार इस कॉफी हाउस में भी दिखने लगी है.

शिमला का इंडियन कॉफी हाउस.

आजकल खाली नजर आता है कॉफी हाउस
आमतौर पर पूरी तरह से फुल रहने वाला यह कॉफी हाउस इन दिनों खाली नजर आ रहा है.इस कॉफी हाउस में लोगों की बातों में एक ही दिन में कई सरकारें गिरती और बनती हैं और साथ ही देश और विदेश की चर्चाएं होती हैं लेकिन इन दिनों अब यह अपनी साख बचाने के लिए ग्राहकों का इंतज़ार कर रहा है.

क्या कहते हैं मैनेजर

कॉफी हाउस में काम करने वाले मैनेजर आत्मा राम समेत 47 कर्मचारियों को बीते एक साल से वेतन नहीं मिल पाया है, जिसकी वजह कॉफी हाउस में पर्याप्त आय न होना बताया जा रहा है.कोरोना महामारी ने जहां कई उद्योगों और अन्य कारोबार को बंद करवा दिया है उसी तरह से इस मशहूर कॉफी हाउस का दम भी घुटता नजर आ रहा है.  यहां काम करने वाले कर्मचारियों की माने तो पिछले एक साल से कोरोना महामारी ने कारोबार पूरी तरह से चौपट कर दिया है.कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना संकट ने कर्मचारियों के नौकरी पर संकट ला खड़ा कर दिया है. इससे बीते एक साल से कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया है.



दूसरी लहर ने हाल किया खराब

हालांकि कुछ समय पहले कारोबार की रफ्तार पटरी पर लौट रही थी लेकिन अब कोरोना की दूसरी लहर में एक बार फिर कारोबार पूरी तरह से पिट गया है.जिसके चलते कर्मचारियों को वेतन देने का संकट गहरा गया है और अब कॉफी हाउस को बंद करने का संकट आ गया है.ऐसे में अब असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि कैसे इस कॉफी हाउस को पुनर्जीवित किया जाए और एक बार फिर से कॉफी के दीवानों को कॉफी की चुस्कियों का एहसास करवाए.

27 दिसंहर 2017 में इंडियन कॉफी हाउस के बाहर पीएम मोदी. (FILE Photo)

जब रुका था पीएम का काफिला

शिमला का कॉफी हाउस  बहुत से लोगों की पसंद हैं और पीएम मोदी भी उनमें एक हैं. साल 2017 में जब हिमाचल में भाजपा सरकार बनी थी तो जयराम के शपथ ग्रहण समारोह के लिए पीएम मोदी शिमला आए थे. इस दौरान जाती बार एकाएक उनका काफिला काफी हाउस के सामने रुक गया था और पीएम ने यहां कॉफी का लुत्फ लिया था.  बूढ़े लोगों के लिए सबसे फेवरेट ठिकाना है. शहर के बुर्जुर्गों की इस कॉफी हाउस से काफी यादें जुड़ी हैं. काफी समय से बुर्जर्ग यहां कॉफी और साउड इंडियन खाने का लुत्फ लेते रहे हैं. सोशल मीडिया पर लोगों ने कॉफी हाउस के कर्मियों की मदद के लिए पोस्ट डाली हैं और इसे बंद ना होने देने के लिए आर्थिक मदद की अपील की है.

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