इस टूरिस्ट रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने 100 करोड़ खर्च करेगी रेलवे

कालका शिमला रूट (Kalka-Shimla Train) पर चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए रेलवे (Indian Railway) करीब 100 करोड़ खर्च करने जा रही है. रेलवे की योजना इस दूरी को ढाई घंटे में पूरा करने की है.

Chandan Kumar | News18India
Updated: August 20, 2019, 3:25 PM IST
इस टूरिस्ट रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने 100 करोड़ खर्च करेगी रेलवे
कालका शिमला ट्रेन की रफ्तार बढ़ेगी
Chandan Kumar | News18India
Updated: August 20, 2019, 3:25 PM IST
रेलवे ने करीब 100 करोड़ की लागत से कालका शिमला (Kalka-Shimla) रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने का फैसला किया है. फिलहाल इस रूट पर अधिकतम 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलती हैं. इस रफ्तार (Speed) को बढ़ाकर अब 35 किलोमीटर प्रति घंटा किए जाने की योजना है. रेलवे की योजना ये है कि 4-5 घंटे वाला ये सफर केवल दो से ढाई घंटे में पूरा किया जा सके. इससे रेलवे का राजस्व (Revenue) भी बढ़ेगा और पर्यटकों (Tourists) को भी फायदा होगा.

विस्टाडोम कोच भी चला रही है रेलवे - कालका से शिमला के बीच की दूरी 96 किलोमीटर है और यहां नैरो गेज लाइन बिछी हुई है. पहाड़ी रास्ता होने के कारण यहां नैरो गेज पर ही ट्रेनें चलाई जा सकती हैं. भारतीय रेल कालका शिमला रूट स्थानीय लोगों को काफी कम खर्च पर ट्रांसपोर्ट की सुविधा मुहैया कराती है. साथ ही शिमला जाने वाले पर्यटकों के लिए भी यह रेल लाइन काफी महत्वपूर्ण है.

इस रूट पर रेलवे ने विस्टाडोम कोच की ट्रेन भी चलाई है, जिससे शिमला पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक ट्रेन में सफर कर रहे हैं. इसलिए इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जा रही है ताकि पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोग भी ढ़ाई घंटे में इस सफर को पूरा कर लें.

Shimla - कम हो सकती है कालका से शिमला की दूरी
कम हो सकती है कालका से शिमला की दूरी


अभी 4-5 घंटे का है सफर - फिलहाल इस रूट पर ट्रेन से सफर करने में 4-5 घंटे तक का वक्त लग जाता है. जबकि सड़क से भी इस सफर में इतना ही वक्त लगता है. मौजूदा समय में कालका शिमला रूट पर हर साल करीब 10 लाख मुसाफिर सफर कर रहे हैं. इससे रेलवे को 10 करोड़ रुपये की आय हो रही है.

स्पीड बढ़ाने के लिए ये उपाय कर रही है रेलवे
>> इस रूट पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए ट्रैक के एलाइंमेंट को बदला जाएगा.
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>> टर्न आउट पाइंट्स यानि जहां ट्रेन के ट्रैक बदले जाते हैं, उसे भी ज़्यादा स्पीड के लिहाज से तैयार किया जाएगा.
>> इस पूरे रूट पर लकड़ी के स्लीपर (जिसपर पटरी बिछाई जाती है) को हटाकर वहां सीमेंट के स्लीपर लगाए जाएंगे.

Rail - इस रूट पर ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए करीब 100 करोड़ खर्च कर रहा है रेलवे
इस रूट पर ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए करीब 100 करोड़ खर्च कर रही है रेलवे


>> इसके अलावा रूट के पुराने सिग्नल सिस्टम को हटाकर वहां मल्टिपल आस्पेक्ट कलर वाले आधुनिक सिग्लन लगाए जाएंगे.
>> पूरे रोलिंग स्टॉक यानि कोच, इंजन, सॉकर और ट्रैक को 35 किलोमीटर की रफ़्तार के लिहाज से तैयार किया जाएगा.

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First published: August 20, 2019, 3:25 PM IST
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