IPH विभाग की खुली पोल, HPU में पानी की टंकी में मिला मरा हुआ बंदर

हिमाचल प्रदेश यूनवर्सिटी (एचपीयू) के बॉयज हॉस्टल में पानी की टंकी में मरे हुए बंदर के मिलने की घटना ने जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल खड़े किए हैं.

Ranbir Singh | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 10, 2018, 12:08 PM IST
IPH विभाग की खुली पोल, HPU में पानी की टंकी में मिला मरा हुआ बंदर
इसी पानी की टंकी में बंदर का शव मिला
Ranbir Singh | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 10, 2018, 12:08 PM IST
हिमाचल प्रदेश यूनवर्सिटी (एचपीयू) के बॉयज हॉस्टल में पानी की टंकी में मरे हुए बंदर के मिलने की घटना ने जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल खड़े किए हैं. गनीमत यह रही कि बंदर टॉयलेट के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी की टंकी में मरा हुआ पड़ा मिला. इस तरह की घटनाएं कई बार सामने आने के बाद भी प्रदेश के सरकारी तंत्र को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है.

शिमला में बीते वर्ष पीलिया का प्रकोप बहुत ज्यादा बढ़ गया था. दरअसल, अश्विनी खड्ड में सीवेज का पानी मिल जाने और उसी पानी की सप्लाई हो गई. अश्विनी खड्ड का इस गंदा पानी पीने के चलते 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. मासूम युग का शव दो साल तक पानी के टैंक में पड़ा रहा. लोग वही पानी पीते रहे. सरकारी अमला कागजों में पानी के टैंक की सफाई करवाता रहा.

वर्तमान समय में एचपीयू के श्रीखंड बॉयज हॉस्टल में पानी की टंकी में मरा हुआ बंदर का मिलना प्रशासन का नक्कारापन दर्शाता है. प्रशासन को आम लोगों के स्वास्थ्य की फिक्र नजर नहीं आती है.

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