हिमाचल: छात्रों को स्कूल जाने की अनुमति, 2 नवंबर से 9वीं कक्षा से लेकर कॉलेज तक खुलेंगे

सीएम जयराम ठाकुर के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के कारण इस महीने मात्र एक कैबिनेट की बैठक हुई. (फाइल फोटो)
सीएम जयराम ठाकुर के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के कारण इस महीने मात्र एक कैबिनेट की बैठक हुई. (फाइल फोटो)

हिमाचल सरकार (Government of Himachal) ने छात्रों को नियमित पढ़ाई के लिए स्कूल (School) बुलाने का फैसला लिया है. 2 नवंबर से 9वीं कक्षा से लेकर कॉलेज और यूनिवर्सिटी तक छात्र (Students) के लिए खोल दिये जाएंगे.

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शिमला. सीएम जयराम ठाकुर (Jairam Thakur) की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक (Cabinet Meeting) हुई. सीएम के कोरोना पॉजिटिव होने की वजह से इस महीने कैबिनेट की एक ही बैठक हो पाई है. जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. मंत्रिमंडल ने छात्रों (Students) को स्कूल (School) जाने की अनुमति दे दी है.

कोरोना के चलते बंद पड़े स्कूलों में अब रौनक लौटने वाली है. अनलॉक- 5 को केंद्र सरकार ने बढ़ा दिया है. इधर हिमाचल सरकार ने छात्रों को नियमित पढ़ाई के लिए स्कूल बुलाने का फैसला लिया है. 2 नवंबर से 9वीं कक्षा से लेकर कॉलेज और यूनिवर्सिटी छात्र के लिए खोल दिये जाएंगे. केंद्र की ओर से जारी एसओपी के तहत ही राज्य सरकार ने ये फैसला लिया है.

अभिभावकों को छात्रों को स्कूल भेजने के लिए सहमति पत्र देने की जरूरत नहीं होगी. छात्रों को स्कूल भेजना भी अभिभावकों के लिए अनिवार्य नहीं होगा. कक्षाओं में किसी भी हाजिरी नहीं लगेगी, जो बच्चा स्कूल नहीं आना चाहता है,  उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था पहले की ही तरह जारी रहेगी. इसके अलावा कॉलेज स्तर में पहले से पांचवें सेमेस्टर तक के छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट करने पर मुहर लगा दी गई है.



प्रदेश सरकार ने 2600 एसएमसी शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवाएं शैक्षणिक सत्र 2020-21 के तहत जारी रखने का निर्णय लिया है. साथ ही उनका बकाया मानदेय भी दिया जाएगा. बता दें कि हिमाचल हाईकोर्ट ने एसएमसी शिक्षकों की सेवाएं रद्द करने का आदेश दिया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इस पर होने वाले अंतिम फैसले तक प्रदेश सरकार का नया फैसला प्रभावी रहेगा. इसके अलावा आउटसोर्स पर लगे आईटी शिक्षकों के मानदेय का भी 10 प्रतिशत बढ़ाने को मंजूरी दी गई है.
जयराम मंत्रिमंडल ने तीन नए नगर निगम बनाने को भी मंजूरी दी है. साथ ही छह नगर पंचायतें भी बनेंगी. कैबिनेट ने मंडी, सोलन और पालमपुर को नगर निगम का दर्जा दे दिया है. इसी तरह सोलन जिला के कंडाघाट, ऊना के अंब, कुल्लू जिला के आनी-निरमंड के अलावा शिमला जिला के चीड़गांव और नेरवा को नगर पंचायत का दर्जा दे दिया गया है. इनके चुनाव नगर निकाय चुनाव के साथ ही होंगे. साथ ही धर्मशाला नगर निगम के मार्च में प्रस्तावित चुनाव भी समय से पहले इन्हीं नए नगर निगमों के साथ होंगे. कैबिनेट ने नये नगर निगमों और पंचायतों में शामिल हुए नए क्षेत्रों को तीन वर्ष के लिए सभी तरह के टैक्स से माफी दे दी है. साथ ही इनके पुष्तैनी अधिकार भी नियमानुसार बहाल रहेंगे.

कोरोना संकट के चलते प्रदेश में सभी तरह की गतिविधियां बंद थी. अब अनलॉक-5 में कैबिनेट ने सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रम जनमंच को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है. 8 नवंबर को कोरोना के बाद पहला जनमंच होगा जिसके लिए मंत्रियों की ड्यूटियां लगा दी है. इसके लिए बाकायदा एसओपी जारी होगी जिसमें सोशल डिस्टेसिंग सहित तमाम नियमों को ध्यान में रखते हुए लोगों की शिकायतें सुनी जाएंगी.

जयराम मंत्रिमंडल की बैठक में नौकरियों का पिटारा भी खुला है. पुलिस विभाग में 1334 कांस्टेबल के पदों को भरने की मंजूरी दी गई है. जिसमें 976 पुरुष और 267 महिला भर्ती होंगे. 91 चालक के पद भी भरे जाएंगे. कैबिनेट ने 32 लिडिंग फायरमैन, 11 पद ड्राइवर कम पंप आपरेटर के पद भरने को भी मंजूरी दी है. यह पद संसारपुर टैरेस में नए खुले फायर पोस्ट में भरे जाएंगे. कैबिनेट ने प्रदेश के अधीनस्थ कोर्ट में 22 कॉपिस्ट के पद भरने को भी मंजूरी दी है.
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