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जुब्बल-कोटखाई उपचुनाव: बरागटा रोते हुये बोले- मुझे खत्म कर दिया, आखिरी दिन कहा-थैंक्यू, गेट लॉस्ट

जुब्बल-कोटखाई उपचुनाव: बरागटा रोते हुये बोले- मुझे खत्म कर दिया, आखिरी दिन कहा-थैंक्यू, गेट लॉस्ट

हिमाचल प्रदेश में तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, सभी जगह से बीजेपी में विद्रोह के स्वर फूट रहे हैं.

हिमाचल प्रदेश में तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, सभी जगह से बीजेपी में विद्रोह के स्वर फूट रहे हैं.

Himachal By Election: जुब्बल-कोटखाई के अलावा अर्की विधानसभा सीट से भी विरोध के सुर उठ रहे हैं, यहां से पार्टी के पूर्व विधायक गोविंद शर्मा ने विद्रोह का बिगुल फूंक दिया है. साथ ही कांगड़ा जिले की फतेहपुर सीट से कृपाल परमार ने पार्टी के इतर रणभेरी बजा दी है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले की जुब्बल-कोटखाई विधानसभा सीट पर भाजपा मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. पार्टी ने यहां से दिवंगत विधायक नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा के स्थान पर महिला नेत्री नीलम सरैक को टिकट दिया है. भाजपा आलाकमान के इस फैसले से इस क्षेत्र में विद्रोह के आसार हैं. टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे चेतन बरागटा खासे नाराज हैं, चेतन ने वीरवार को गु्म्मा में एक चुनावी बैठक की, जिसमें भारी संख्या में उनके समर्थक शामिल हुए. अपने संबोधन के दौरान चेतन बरागटा भावुक हुए और रो दिए. बरागटा ने खूब खरी-खोटी सुनाई और एलान किया कि अब जो जनता कहेगी वो वही फैसला करेंगे. जानकारी आ रही है कि वो इस सीट से नामांकन कर सकते हैं.

वहीं दूसरी ओर नीलम सरैक का कहना है कि नरेंद्र बरागटा के पद चिन्हों पर चलेंगे और उनके दिखाए मार्ग पर चलेंगे. उनके कार्यों को पूरा करने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि चेतन बरागटा मेरे छोटे भाई हैं, पहले टिकट की लड़ाई होती है, वो मेरी भी थी और उनकी भी, जिसे टिकट मिलता है पार्टी की ओर से फिर मिलजुल कर पार्टी के लिए कार्य करते हैं. उन्होंने कहा कि एकजुट होकर पार्टी के लिए कार्य करेंगे.

15 साल से पार्टी को मजबूत कर रहा हूं, अब परिवादवाद की बात कर रहे हैं: बरागटा 

बरागटा की बैठक की बात करें तो अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मुझे टिकट नहीं देना होता तो पहले बता दिया होता. 15 साल तक पार्टी को मजबूत करने के लिए कार्य किया और अब परिवारवाद की बात कही जा रही है. उन्होंने कहा कि आज उन लोगों को टिकट दिया गया, जो कांग्रेस के साथ मिलकर पार्टी के खिलाफ कार्य करते रहे. इतना ही नहीं चेतन ने कहा कि पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता या कार्यकर्ता को टिकट दिया होता तो पार्टी के साथ चलते लेकिन ये जो टिकट थोपा गया है ये सहन नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि टिकट उन्हें दिया जो पार्टी को कमजोर करते रहे, शिमला में कॉफी पी पीकर आलोचना करते रहे.

मुख्यमंत्री ने हमारे साथ ऐसा क्यों किया, इसका जवाब देना होगा

चेतन बरागटा ने कहा कि मेरी मां ने कहा कि मुझसे कहा कि मुझे मुख्यमंत्री से पूछना है कि आखिर हमारे परिवार के साथ ऐसा क्यों किया, उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री का सम्मान करते हैं लेकिन उन्हें इसका जबाव देना होगा. नामांकन का जब आखिरी दिन रह गया तो बोला कि थैंक्यू यू, गेट लॉस्ट. चेतन ने कहा कि उन्हें तो खत्म कर दिया.

अर्की और फतेहपुर में उठ रहे विरोध के स्वर 

अर्की विधानसभा सीट से भी विरोध के सुर उठ रहे हैं, यहां से पार्टी के पूर्व विधायक गोविंद शर्मा ने विद्रोह का बिगुल फूंक दिया है. कांगड़ा जिले की फतेहपुर सीट से कृपाल परमार ने पार्टी के इतर रणभेरी बजा दी है. इस पर भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल का कहना है कि पार्टी एकजुट है. टिकट के तलबगार बहुत होते हैं, लेकिन जिनको टिकट नहीं मिलता उन्हें निराशा जरूर होती है. एकजुट होकर पार्टी को जीत दिलवाने के लिए कार्य करेंगे.

Tags: Assembly by election, Himachal pradesh, Shimla News

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