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हिमाचल उपचुनाव: चेतन बरागटा के सर्मथकों का रोड शो, मंत्री सुरेश भारद्वाज ‘गो बेक’ के लगे नारे

कोटखाई में चेतन बरागटा के समर्थन में लोगों की नारेबाजी.

कोटखाई में चेतन बरागटा के समर्थन में लोगों की नारेबाजी.

Jubbal Kotkhai By-Elections:दरअसल, इस सीट पर अब कांग्रेस के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर और नीलम सरकैक के बीच मुकाबला होगा. नीलम पहली बार विधायक का चुनाव लड़ रही हैं. वहीं, कांग्रेस के रोहित ठाकुर 2003 और 2012 में यहां से जीते हैं. वहीं, दिवगंत भाजपा नेता नरेंद्र बरागटा यहां से 2007 में चुनाव जीते थे

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    शिमला. हिमाचल प्रदेश में शिमला जिले के जुब्बल कोटखाई चुनाव (Jubbal Kotkhai By-Elections) में पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा का टिकट काटने पर अब भाजपा की मुश्किलें बढ़ गई. शिमला (Shimla) जिले के कोटखाई में खड़ापत्थर में लोगों ने चेतन के समर्थन में रैली निकाली है. इस दौरान चेतन बरागटा के समर्थकों ने जमकर उनके समर्थन में नारेबाजी की और साथ ही मौजूदा सरकार में मंत्री सुरेश भारद्वाज के विरोध में नारेबाजी की है. हालांकि, मंत्री मौके पर मौजूद नहीं थे, लेकिन, उनके खिलाफ गो बेक के नारे लगाए हैं. दरअसल, चेतन बरागटा (Chetan Singh Bragta) यहां पर शक्ति प्रदर्शन के लिए पहुंचने वाले हैं. क्योंकि उन्होंने यहां से आजाद चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है.

    जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को कोटखाई में बरागटा के सर्मथन में रैली रखी गई थी. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे और रोड शो निकाला गया. लोगों ने सड़क पर जमकर नारेबाजी की. साथ ही यहां से भाजपा प्रत्याशी नीलम सरकैक के विरोध में भी नारेबाजी की. बता दें कि तीन बार जिला परिषद का चुनाव जीतने वाली नीलम सरकैक को यहां से टिकट दिया गया है. रोड शो के दौरान लोगों ने सीएम जयराम ठाकुर से सीधा सवाल किया कि आखिर क्यों उनके साथ धोखेबाजी की गई. जबकि वह पार्टी के लिए अपनी जान देने के लिए भी तैयार हैं.

    सुरेश भारद्वाज का क्यों हुआ विरोध
    मंत्री सुरेश भारद्वाज जुब्बल कोटखाई सीट के लिए चुनाव प्रभारी हैं. हालांकि, उनके और पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा के बीच 36 का आंकड़ा रहा है. जब नरेंद्र बरागटा जिंदा थे तो वह भारद्वाज पर उनके विधानसभा क्षेत्र में हस्तक्षेप के आरोप लगाते रहते थे. अब लोगों को लगता है कि नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा का टिकट काटने में सुरेश भारद्वाज की भी भूमिका रही है.

    कोटखाई में चेतन बरागटा के समर्थन में लोगों की नारेबाजी.

    क्या है सियासी समीकरण
    दरअसल, इस सीट पर अब कांग्रेस के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर और नीलम सरकैक के बीच मुकाबला होगा. नीलम पहली बार विधायक का चुनाव लड़ रही हैं.  वहीं, कांग्रेस के रोहित ठाकुर 2003 और 2012 में यहां से जीते हैं. वहीं, दिवगंत भाजपा नेता नरेंद्र बरागटा यहां से 2007 में चुनाव जीते थे और धूमल सरकार में मंत्री भी रहे थे. लेकिन हाल ही में उनकी मौत के बाद यह सीट खाली हो गई थी. लोगों की सहानुभूति के चलते कयास लग रहे थे कि नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन को ही टिकट मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

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