कोटखाई गैंगरेप-मर्डर: 4 जुलाई 2017...गुड़िया और हिमाचल को अब भी न्याय का इंतजार

News18 Himachal Pradesh
Updated: July 4, 2019, 12:29 PM IST
कोटखाई गैंगरेप-मर्डर: 4 जुलाई 2017...गुड़िया और हिमाचल को अब भी न्याय का इंतजार
हिमाचल के शिमला का कोटखाई गैंगरेप और मर्डर केस. (DEMO PIC)

हिमाचल में साल 2009 में दुष्कर्म के 182 मामले दर्ज हुए थे, जो साल 2018 तक आते-आते दो गुणा हो गए. 2018 में रेप के मामलों की संख्या 345 पहुंच गई है. 2009 में 37 महिलाओं की हत्या हुई थी जबकि 2018 30 महिलाओं को मौत के घाट उतारा गया. औसत देखें तो हर साल 30 महिलाओं का कत्ल किया गया है.

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4 जुलाई 2017 का दिन….16 साल की नाबालिग अपने घर से भाई के साथ स्कूल के लिए निकलती है. लेकिन उसके बाद कभी घर नहीं लौटती है. उसके बाद घर जाती है तो उसकी लाश. जंगल में बिना कपड़ों की उसकी लाश मिलती है, जो कि उसके साथ हुई दरिंदगी को बयान करती है.

मामला हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कोटखाई का है. चार जुलाई 2017 को लापता हुई नाबालिग की लाश छह जुलाई को कोटखाई के जंगल में बिना कपड़ों के मिलती है. आज इस मामले को दो साल का वक्त बीत गया है, लेकिन अब तक कोटखाई गैंगरेप-मर्डर का सवालों में है. हालांकि, सीबीआई ने केस सुलझाने का दावा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन जिस तरह से यह पूरा मामला हुआ और जांच की गई, उस पर सवालिया निशान है. नहीं पाया है.

मामले में हिमाचल पुलिस की लापरवाही भी देखने को मिली और इसका अंदाजा से इसी से लगाया जा सकता है कि जांच करने वाली पुलिस एसआईटी को लीड करने वाले पूर्व आईजी, शिमला के पूर्व एसपी समेत नौ पुलिस कर्मी अब जेल में हैं. इन पर एक आरोपी की कस्टडी में मौत के बात मामले को मर्डर दिखाने की साजिश रचने का आरोप है. मामला चंडीगढ़ में कोर्ट में चल रहा है.

जानिये कब-कब क्या हुआ

4 जुलाई: स्कूल से लौटते वक्त लापता हुई छात्रा.
6 जुलाई: कोटखाई के जंगल में गुड़िया का मिला शव, रेप के बाद हत्या.
7 जुलाई: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से दुराचार का खुलासा, शिमला और कोटखाई में प्रदर्शन.
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8 जुलाई: 72 घंटों बाद भी पुलिस खाली हाथ, धरना-प्रदर्शनों का दौर शुरू.
9 जुलाई: जनता ने उठाई सीबीआई जांच की उठी मांग.
10 जुलाई : आंदोलन-प्रदर्शन उग्र होने पर एसआईटी गठित.
11 जुलाई: पीड़ित परिवार को 5 लाख मुआवजे की घोषणा. आरोपियों का सुराग देने वाले को 1 लाख ईनाम की घोषणा.
12 जुलाई: सीएम के अधिकारिक फेसबुक पेज से कथित आरोपियों के फोटो वायरल.
13 जुलाई: पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया, जांच पर सवाल.
14 जुलाई: जांच के विरोध में ठियोग थाने पर पथराव-गाड़ियां तोड़ीं.
14 जुलाई: धरनों के दबाव में सीएम ने सीबीआई जांच का ऐलान किया.
15 जुलाई: सीएम ने सीबीआई जांच के लिए पीएम को पत्र लिखा.
16 जुलाई: एसआईटी पहुंची घटनास्थ, लोगों ने दांदी के जंगल में हवन किया, कई जगह प्रदर्शन.
17 जुलाई: दिल्ली से मुंबई तक जस्टिस फॉर गुड़िया के लिए प्रदर्शन, राजभवन पहुंची भाजपा ने सरकार की बर्खास्तगी की मांग की.
18 जुलाई: कांग्रेस सरकार ने हाईकोर्ट में जल्द सीबीआई जांच के लिए आवेदन किया.शिमला के गुम्मा में चक्का जाम, दिल्ली में कैंडल मार्च.
19 जुलाई: कोटखाई थाने में एक आरोपी सूरज की पुलिस हिरासत में हत्या. जनता ने थाना घेरा, आग लगाई, गाड़ियां फूंकी, कई पुलिस वाले घायलय
22 जुलाई: हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने दो अलग-अलग केस दर्ज किए

पुलिस एसआईटी के सदस्य गिरफ्तार
22 जुलाई को केस दर्ज करने के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की. इसके बाद सीबीआई ने कई थ्यूरिज पर काम किया. 29 अगस्त 2017 को सीबीआई ने कोटखाई थाने में एक आरोपी सूरज की हत्या का षड़ंयत्र रचने के आरोप में पुलिस एसआईटी में शामिल पूर्व आईजी, डीएसपी समेत आठ पुलिसवालों को गिरफ्तार किया. जो अब भी जेल में हैं. बाद में इसी आरोप में शिमला के पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी को भी गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस जांच में ये थे आरोपी
मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को पकड़ा था. इनमें राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, हलाइला गांव, सुभाष बिस्ट (42) गढ़वाल, सूरज सिंह (29) और लोकजन उर्फ छोटू (19) नेपाल और दीपक (38) पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार से है. इनमें से सूरज की कोटखाई थाने में हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि राजू की सूरज से बहस हुई और उसके बाद राजू ने उसकी हत्या कर दी.

11 माह तक सीबीआई ने खाक छानी फिर 1 आरोपी पकड़ा
लगभग 11 महीने तक सीबीआई इस मामले में छानबीन करती रही. जिला कोर्ट में मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट में भी केस को लेकर कई दफा सीबीआई स्टेटस रिपोर्ट दी. आखिरकार 11 महीने बाद सीबीआई ने खुलासा किया कि इस पूरी वारदात को पुलिस एसआईटी की ओर से पकड़े गए आरोपियों ने अंजाम नहीं दिया था, बल्कि इसमें एक ही शख्स शामिल था. सीबीआई ने फिलहाल इस आरोप में नीलू नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है. 13 अप्रैल 2018 को शिमला के रोहडू से इस आरोपी की गिरफ्तारी हुई है. मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और मामले का ट्रायल भी चल रहा है. अपनी तरफ से सीबीआई इस मामले को सुलझा चुकी है. क्योंकि सीबीआई का दावा है कि इस वारदात को एक ही आरोपी ने अंजाम दिया है.

मामले में जमकर हुई सियासत
जब यह मामला हुआ था, उस दौरान हिमाचल में विधानसभा चुनाव का दौर था. इस पर तमाम सियासी पार्टियों ने खूब सियासत की. भाजपा ने भी इस मुद्दे को अपने चुनाव प्रचार में खूब भुनाया. माना जाता है कि कांग्रेस की विधानसभा चुनाव में हार के पीछे यह मुद्दा भी एक बड़ा कारण बना. वहीं, शिमला में हुए रोष प्रदर्शनों में माकपा कार्यकर्ताओं ने बढ़चढ़ हिस्सा लिया.

पिता ने कहा था कि अकेले शख्स नहीं की वारदात
नाबालिग के पिता ने न्यूज18 से बातचीत में कहा था कि सीबीआई की ओर से पकड़े गए आरोपी नीलू ने अकेले इस वारदात को अंजाम नहीं दिया है. इसमें और लोग भी शामिल हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि रसूखदार लोग जांच को प्रभावित कर रहे हैं. गुड़िया की जुराब और क्लिप कहां गायब है? अगर न्याय नहीं मिला तो अपराधियों के होसलें बुलंद हो जाएंगे वहीं उन्हें केस दबाने के लिए पैसे देने की बातों पर उन्होंने कहा कि मैं गरीब जरूर हूं, पर बेटी का सौदा नहीं कर सकता. मुझे न्याय चाहिए, पैसे का लालच नहीं है.

नहीं थम रहे रेप और महिला अपराध के मामले
हिमाचल में साल 2019 के शुरूआती 5 महीनों में हाल कुछ ऐसा है कि हर 31वें घंटे में एक महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आ रहा है. हर 22 घंटे में एक महिला का अपहरण हो रहा है और हर 19 घंटे में एक महिला यौन शोषण का शिकार हो रही है. 2019 में 31 मई तक हिमाचल में 5 महिलाओं की हत्या की गई है, रेप के 115 मामले दर्ज हो चुके हैं. अपहरण की 162, यौन शोषण की 186, आत्महत्या के लिए उकसाने की 15, क्रूरता की 86, छेड़छाड़ की 17, चेन स्नेचिंग की 2 और देह व्यापार की 2 घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं.

10 साल में दोगुने हो गए मामले
हिमाचल में साल 2009 में दुष्कर्म के 182 मामले दर्ज हुए थे, जो साल 2018 तक आते-आते दो गुणा हो गए. 2018 में रेप के मामलों की संख्या 345 पहुंच गई है. 2009 में 37 महिलाओं की हत्या हुई थी जबकि 2018 30 महिलाओं को मौत के घाट उतारा गया. औसत देखें तो हर साल 30 महिलाओं का कत्ल किया गया है. 2018 में दहेज के कारण हत्या का 1 मामला सामने आया था जो 2018 में बढ़कर 4 पहुंच गया है. 2009 में अपहरण के 123 मामले दर्ज हुए थे जो 2019 में यह 346 पहुंच गए हैं. 2018 में यौन शोषण के 320 मामले 2018 में बढ़कर 515 हो गए हैं. औसतन हर साल 401 मामले आ रहे हैं.

कांग्रेस राज और भाजपा राज में अपराध
वीरभद्र सरकार के आखिरी साल यानी 2017 में दुष्कर्म के 249 मामले दर्ज हुए, जबकि जयराम राज के अब तक के कार्यकाल में 438 मामले दर्ज हुए. वीरभद्र सरकार में 2017 अपहरण के 248 और जयराम सरकार में अब तक 450 किडनैपिंग के केस दर्ज हुए हैं.  साल 2017 में 29 मर्डर केस दर्ज हुए और 2019 में भाजपा सरकार में 35 मर्डर हुए हैं. यौन शौषण के मामले कांग्रेस राज में 403 थे जो, अब भाजपा राज में 647 तक पहुंच गए हैं.

नाबालिग हैं निशाने पर
कुल्लू के आनी में नौ साल की नाबालिग बच्ची से पोलिंग स्टेश के पास रेप किया गया. वहीं, हमीरपुर में प्रिंसिपल पर नाबालिग छात्रा से यौन शोषण का आरोप लगा है. शिमला में 19 साल की युवती से ‘चलती कार में रेप’ मामले को पुलिस सुलझा नहीं पाई है. हमीरपुर में पांच साल की बच्ची से दुकानदार ने रेप किया है. ये हाल ही में हुए मामले हैं, लेकिन सबसे अहम बात है कि अधिकतर मामलों में पीड़ित नाबालिग हैं.

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First published: July 4, 2019, 10:52 AM IST
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