Kangra: खनन माफिया को सरंक्षण देने के लिए नेता ने बनाया दवाब तो IPS ने मांगा ट्रांसफर

कांगड़ा एसपी का दफ्तर.

कांगड़ा एसपी का दफ्तर.

Kangra Police vs Political Party: कांग्रेस के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने पूरे मामले पर कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक है. सरकारी शह पर माफिया दनदना रहा है. अफ़सरों के हाथ बांध रखे है. काफ़ी ज़िलों के अफ़सरों ने कुर्सी के लिए परिस्थितियों से समझोता कर रखा है और लूट की छूट दे रखी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2021, 12:27 PM IST
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शिमला. हमारे देश में नेता अक्सर अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए आलाधिकारियों पर दवाब बनाते हैं. लेकिन कई अफसर ऐसे होते हैं, जो नेताओं के आगे घुटने नहीं टेकते हैं. ताजा मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा (Kangra) जिले का है. यहां पर एक बड़े नेता पर खनन माफिया के समर्थन में आईपीएस अफसर (IPS Officer) को धमकाने का आरोप लगा है. दरअसल, इस आईपीएस अफसर ने खनन माफिया पर नकेल कसी है. ऐसे में नेता ने पुलिस अधिकारी पर खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई ना करने का दवाब बनाया है.

कांग्रेस के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने पूरे मामले पर कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक है.


पूरे मामला सामने आने के बाद अब कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नेता ने अफसर को फोन कर दवाब बनाया है. आरोप है कि इस दौरान अफसर के साथ बदतमीजी भी की गई है. पुलिस अफसर ने जब राजनेता को खनन माफिया का संरक्षण करने से मना किया तो दोनों के बीच फोन पर तीखी बहस हो गई. मामला अब पुलिस के आला अफसरों के बाद अब सरकार के बीच पहुंच चुका है. पुलिस अफसर ने सरकार को अपना ट्रांसफर कांगड़ा जिले से कहीं और करने के लिए निवेदन कर दिया है.

कौन है पुलिस अफसर
पुलिस अफसर की ईमानदारी और कर्मठता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह प्रधानमंत्री की सुरक्षा में भी शामिल रहे हैं. गौरतलब है कि पुलिस अफसर अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे थे, जबकि राजनेता अवैध खनन करने वालों का पक्ष लेकर पुलिस अधिकारी पर दबाव बना रहे थे.

कांग्रेस ने उठाया सवाल

कांग्रेस के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने पूरे मामले पर कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक है. सरकारी शह पर माफिया दनदना रहा है. अफ़सरों के हाथ बांध रखे है. काफ़ी ज़िलों के अफ़सरों ने कुर्सी के लिए परिस्थितियों से समझोता कर रखा है और लूट की छूट दे रखी है. अब हालात यह हैं की आला अफ़सर तबादले माँग रहे हैं, ज़ाहिर है पाप का घड़ा भर चुका है. सरकार बताए कि अफ़सर के तवादला माँगने पर क्या है जवाब?



पालमपुर में ट्रांसफर

दरअसल, इससे पहले भी एक नेता ने कांगड़ा जिले में एसडीएम पालमपुर पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का दवाब बनाया था. लेकिन एसडीएम ने ऐसा करने से मना कर दिया था. बाद में राजनेता ने उनका काजा ट्रांसफर करवा दिया था. हालांकि, मामला उछलने के बाद एसडीएम का ट्रांसफर रद्द कर दिया गया था. ऐसे में अब भाजपा सरकार की साख पर सवाल उठ रहे हैं कि वह अच्छे अफसरों को परेशान कर रही है.
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