कसौली गोलीकांड : सरेंडर करना चाहता था आरोपी, फजीहत से बचने के लिए पुलिस ने की गिरफ्तारी

कसौली गोलीकांड के आरोपी ने अपने रिश्तेदार को फोन किया था.
कसौली गोलीकांड के आरोपी ने अपने रिश्तेदार को फोन किया था.

जो पुलिस हत्याकांड के दो दिन तक आरोपी के बारे में सुराग नहीं लगा पाई थी, उसे एक फोन कॉल से टिप मिल गया. अगर आरोपी सरेंडर करता तो इससे पुलिस की और किरकिरी होती.

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हिमाचल प्रदेश के सोलन के कसौली गोलीकांड के आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर हिमाचल पुलिस जहां वाहवाही लूटने के कोशिश कर रही है, लेकिन असली कहानी कुछ और है. दरअसल, आरोपी सरेंडर करना चाहता था. उसने वीरवार सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर अपने रिश्तेदार को कॉल की और सरेंडर की बात कही.

रिश्तेदार ने इसकी सूचना सोलन पुलिस को दी. जो पुलिस हत्याकांड के दो दिन तक आरोपी के बारे में सुराग नहीं लगा पाई थी, उसे एक फोन कॉल से टिप मिल गया. अगर आरोपी सरेंडर करता तो इससे पुलिस की और किरकिरी होती. आरोपी ने अपने रिश्तेदार को सरेंडर करने के लिए मैसेज किया था.

हिमाचल पुलिस का दावा है कि ट्रैप के जरिए आरोपी को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया है. लेकिन हकीकत कुछ अलग है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस की कहानी को आरोपी के रिश्तेदार ने सिरे से खारिज कर दिया है.



क्योंकि उसने ही पुलिस को आरोपी के फोन क़ॉल की जानकारी दी थी. इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और दिल्ली पुलिस से संपर्क किया और बाद में उसे यूपी के वृंदावन से गिरफ्तार किया.
एसपी सोलन और डीएसपी पर गिरी गाज
सरकार ने घटना के बाद से हो रही फजीहत पर वीरवार दे्र शाम सोलन के एसपी मोहित चावला और डीएसपी रमेश को बदल दिया. देर शाम एक उच्चस्तरीय मीटिंग के बाद सरकार ने दोनों अफसरों के तबादले के आदेश दिए.

पुलिस की चौतरफा झेल हो रही थी फजीहत
बता दें कि गोलीकांड के बाद से ही पुलिस की चौतरफा फजीहत हो रही थी. क्योंकि घटना के दौरान मौके पर 50 से ज्यादा पुलिस कर्मी मौजूद थे. उनके सामने ही महिला अफसर को गोली मारने के बाद आरोपी जंगल से होते हुए भाग गया.

अमूमन देखा जाता है कि पुलिस घटना के एकदम बाद से आरोपी के बारे में सूचना देने पर ईनाम की घोषणा नहीं करती है, लेकिन यहां पुलिस ने घटनाक्रम के 24 घंटे के भीतर ही एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया.

गोलीकांड के दो दिन बाद भी पुलिस को आरोपी का सुराग नहीं था. वह उसे आसपास के इलाकों में खोज रही थी जबकि आरोपी यूपी भाग गया. उधर, विपक्षी दल भी प्रदेश में कानून व्यवस्था खराब होने की बात कह रहे थे.

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