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MC Elections in Himachal: AAP को लगा झटका, चारों नगर निगमों में नहीं खुला खाता

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए सीएम केजरीवाल ने सीबीएसई परीक्षाएं रद्द करने का किया आग्रह. (फाइल फोटो.)

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए सीएम केजरीवाल ने सीबीएसई परीक्षाएं रद्द करने का किया आग्रह. (फाइल फोटो.)

MC Elections in Himachal: हिमाचल प्रदेश में मंडी, धर्मशाला, पालमपुर और सोलन में हुए निगम चुनावों में भाजपा को भी तगड़ा झटका लगा है. केवल मंडी में ही भाजपा को जीत नसीब हुई है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश में 7 अप्रैल को हुए नगर निगम चुनाव (Municipal Corporation Elections) में भाजपा को जहां झटका लगा है. वहीं, कांग्रेस खुश है. दूसरी, ओर आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए चुनाव परिणाम निराशाजनक रहा है. प्रदेश की जनता को आम आदमी पार्टी रास नहीं आई है. निगम चुनाव से पहले केजरीवाल के सिपाहियों ने हिमाचल पहुंचकर अपनी जमीन तलाशने की खूब कोशिश की, लेकिन निगम के नतीजों से नहीं लगता है कि हिमाचल को आम आदमी पार्टी पसंद है.

AAP ने हिमाचल प्रदेश के चारों नगर निगम में अपने प्रत्याशी उतारे थे. सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला की कुल 64 सीटों में से 43 वार्ड पर उम्मीदवार उतार सियासी जमीन खोज रही आम आदमी पार्टी का खाता तक नहीं खुल सका. ऐसे में हिमाचल में सियासी जमीन तलाश रही आप पार्टी को झटका लगा है. पार्टी ने सबसे ज्यादा उम्मीदवार सीएम जयराम ठाकुर के गृह जिले मंडी में खड़े किए. यहां से 13 प्रत्याशियों को हार मिली. वहीं, मशरूम सिटी सोलन में 12 प्रत्याशियों को हार का मुंह देखना पड़ा. धर्मशाला में 9 प्रत्याशी खाता खोलने में नाकामयाब रहे. इसके अलावा पालमपुर में सभी 7 उम्मीदवारों को हार का स्वाद चखना पड़ा.

तीसरा मोर्चा असफल
हिमाचल प्रदेश में किसी भी तरह के चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के अलावा तीसरा मोर्चा कभी सफल नहीं रहा है. हालांकि, साल 1998 में पंडित सुखराम की पार्टी हिमाचल विकास कांग्रेस ने प्रदेश में विधानसभा चुनाव में 5 सीटें जीते थी और भाजपा से मिलकर गठबंधन सरकार बनाई थी, लेकिन उसके बाद से तीसरा मोर्चा कभी सफल नहीं हुआ है. AAP के हिमाचल प्रभारी रत्नेश गुप्ता ने कहा था कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने विकास का जो मॉडल पेश किया है. उसे हिमाचल प्रदेश में पेश किया जाएगा. चुनाव से पहले आप ने दावा किया था कि वह प्रदेश को तीसरा विकल्प देंगे, लेकिन उनकी उम्मीदों को झटका लगा है.
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