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Shimla Ropeway Project: 15 स्टेशन, 14Km सफर, 50 रुपये किराया और 1546 करोड़ रुपये लागत

शिमला शहर के लिए लगभग 15 किलोमीटर लम्बी रोपवे परियोजना को मंजूरी मिल गई है.

शिमला शहर के लिए लगभग 15 किलोमीटर लम्बी रोपवे परियोजना को मंजूरी मिल गई है.

Shimla Ropeway Project: शिमला में पहले ही जाखू रोपवे संचालित हो रहा है. रिज मैदान के पास से यह रोपवे जाखू मंदिर को जोड़ ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

परियोजना के हिसाब से 10 किलोमीटर तक के सफर के लिए 50 रुपये किराया देना होगा.
तारा देवी मंदिर से लेकर संजौली में ढिंगू मंदिर तक यह रोपवे बनेगा.

शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक और रोपवे के निर्माण को केंद्र सरकार ने मंजूदरी दी है. इस रोपवे के निर्माण में 1546 करोड़ रुपये खर्च होंगे. शिमला के तारा देवी मंदिर से लेकर संजौली में ढिंगू मंदिर तक यह रोपवे बनेगा.

शिमला शहरी विधायक और सूबे के शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिमला शहर के लिए लगभग 15 किलोमीटर लम्बी रोपवे परियोजना को मंजूरी मिल गई है. उन्होंने कहा कि इस परियोजना कि खास बात यह रहेगी कि शहर में एक जगह से दूसरी जगह जाने में समय की भी बचत होगी और कम किराए में आवाजाही हो सकेगी. परियोजना के हिसाब से 10 किलोमीटर तक (रोपवे के हिसाब से दूरी) के सफर के लिए 50 रुपये किराया देना होगा.

उन्होंने कहा कि सही मायने में यह परियोजना जनता के लिए लाभकारी सिद्ध होगी क्योंकि इससे समय की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलेगी. उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार रोपवे लगाने की बातें हुई हैं, लेकिन केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार ने अनुमानित 1546.40 करोड़ रुपये की इस परियोजना को मंजूरी दी है.

कहां से कहा तक बनेगा रोपवे

यह रोपवे परियोजना तारादेवी से शुरू होगी और इसमें स्मार्ट पार्किंग, लिफ्ट, एस्केलेटर का संयोजन मौजूदा परिवहन नेटवर्क के साथ एकीकृत किया जाएगा. यह एक कार्बन न्यूट्रल प्रोजेक्ट होगा औऱ ढिंगू मंदिर तक बनेगा.इस परियोजना में 14.69 किलोमीटर की नेटवर्क लंबाई के साथ 15 बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग स्टेशन होंगे. उन्होंने कहा कि यह योजना गाड़ियों पर निर्भरता को काफी हद तक कम करेगी और ट्रैफिक जाम व पर्यावरण को होने वाले नुकसान और समय की बर्बादी जैसी समस्याओं का भी समाधान होगा.

शहरी विकास मंत्री के समक्ष इस परियोजना के सम्बन्ध में रैपिड एंड रोपवे ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कारपोरेशन ने प्रस्तुति भी दी. मंत्री ने शिमला से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि कम किराए में स्थानीय लोगों को सुविधा देने के लिए यह एक बेहतरीन योजना है. उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल स्थानीय लोगों के आवागमन, बल्कि शिमला में पर्यटन की दृष्टि से भी लाभकारी सिद्ध होगी.

जल्द ही इस परियोजना से सम्बंधित वांछित औपचारिकताओं को पूरा कर लिया जायेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि शिमला के लिए यह न केवल एक बड़ी सौगात है बल्कि एक व्यावहारिक योजना भी है. सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिमला में शहरी परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए यह एकमात्र व्यवहारिक समाधान है, क्योंकि भौगोलिक और भू-तकनीकी सीमाओं के कारण बीआरटीएस, मोनोरेल, मेट्रो का निर्माण यहां नहीं किया जा सकता. औपचारिकताएं पूरी होते ही इस परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा और इसके निर्माण के लिए 5 वर्ष का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

शिमला में पहले से ही है जाखू रोपवे

शिमला में पहले ही जाखू रोपवे संचालित हो रहा है. रिज मैदान के पास से यह रोपवे जाखू मंदिर को जोड़ता है. 250 रुपये इसकी टिकट है. हालांकि, इसका ज्यादा इस्तेमाल टूरिस्ट करते हैं. बता दें कि शिमला में सालाना 40 लाख टूरिस्ट आते हैं.

Tags: Himachal pradesh, Himachal pradesh news, Shimla, Shimla Tourism

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