Himachal News: 55 घंटे से ज्यादा चला हिमाचल का बजट सत्र, आखिरी दिन भी खूब गहमा-गहमी

हिमाचल प्रदेश का बजट सत्र शनिवार को समाप्त हो गया.

हिमाचल प्रदेश का बजट सत्र शनिवार को समाप्त हो गया.

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शनिवार को समाप्त हो गया. राज्यपाल के अभिभाषण पर हंगामे के साथ शुरू हुआ सत्र आखिरी दिन तक हंगामेदार बना रहा. इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच जमकर बहस हुई.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश का बजट सत्र समाप्त हो गया. विधानसभा में कांग्रेस सदस्यों के हंगामे की वजह से इस बार का सत्र काफी चर्चा में रहा. सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों की नोक-झोंक मीडिया की सुर्खियां बनीं. बजट सत्र के आखिरी दिन विधानसभा ने 50 हजार 192 करोड़ रुपए का साल 2021-22 का बजट पारित किया. इसके साथ ही बजट सत्र की समाप्ति हो गई. हालांकि विधानसभा का आखिरी दिन भी गहमा-गहमी से भरा रहा. कई मुद्दे उठाए गए. विपक्ष ने हमला बोला, सरकार ने सफाई दी. इस तरह 55 घंटे 32 मिनट की कार्यवाही के साथ कुल 16 बैठकों वाले इस सत्र का समापन हो गया.

बजट सत्र के अंतिम दिन शनिवार को सदन में बजट पारित हुआ. पूरे सत्र के दौरान 5 विधेयक पारित हुए. शुरुआत के घटनाक्रम को छोड़कर सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए स्पीकर विपिन सिंह परमार, सीएम जय राम ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने एक दूसरे को धन्यवाद दिया. सत्र के अंत में सीएम धन्यवाद ज्ञापन किया. नेता प्रतिपक्ष ने धन्यवाद करते हुए कहा कि बहुत से सवालों के जवाब नहीं मिले, लेकिन उम्मीद है कि सरकार जनहित में काम करेगी. आइए देखते हैं विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन किन 10 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई...
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र कुल 17 दिन चला, जिसमें 16 बैठकें हुईं. 55 घंटों से ज्यादा देर तक चली विधानसभा की कार्यवाही के दौरान 5 विधेयक पारित किए गए. सत्र की शुरुआत में राज्यपाल के अभिभाषण पर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे की वजह से यह सत्र चर्चा में रहा.
सत्र के अंतिम दिन की प्रश्नकाल के दौरान सदन में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया. कांग्रेस विधायक ठाकुर राम लाल ने नैना देवी विस क्षेत्र के साथ भेदभाव का लगाया आरोप लगाते हुए कई सवाल दागे. स्वास्थ्य मंत्री राजीव सहजल ने आश्वासन दिया कि सभी रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे.
रिक्त पदों को लेकर उठाए गए सवाल पर सीएम जय राम ठाकुर ने सदन कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी है. मेरे विधानसभा क्षेत्र में भी कई पद खाली हैं. सीमित साधनों के चलते ये संभव नहीं कि सृजित किए गए सभी पद भरे जाएं, लेकिन फंक्शनल पोस्ट भरी जा रही हैं. दूर-दराज से लेकर ट्राइवल इलाकों में भी सरकार डॉक्टरों को भेज रही है. किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जा रहा है. डॉक्टरों की कमी जल्द दूर होगी.
नाचन से विधायक विनोद कुमार के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में सेवाएं देने वाले डॉक्टर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ को सम्मानित किया जाएगा. लैब टेक्नीशियन, सफाई कर्मचारी, ऑउटसोर्स कर्मियों का भी सम्मान होगा. 
सदन में जानकारी दी गई कि कोरोनाकाल में IGMC में 728 में से 205 डॉक्टरों ने विशेष कोविड सेंटर में सेवाएं दी. मार्च 2020 से 18 मार्च 2021 तक 225 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव हुए. इस दौरान कितने डॉक्टर लंबे समय तक छुट्टी पर रहे या सेवाएं नहीं दीं, इसकी जानकारी सरकार नहीं दे पाई. नेता प्रतिपक्ष के सवाल के जबाव में स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में जानकारी दी कि अब तक 1.90 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया है.
सरकार ने बताया कि प्रदेश में अब तक कोरोना से 1003 लोगों की मौत हो चुकी है और 60,207 लोग पॉजिटिव हुए हैं. वर्तमान में प्रदेश में 1124 एक्टिव केस हैं.
कटौती प्रस्ताव के दौरान कुल्लू से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने भी सरकार को जमकर घेरा. मास्क न पहनने पर 5000 रुपए जुर्माने का मामला भी सदन में उठा. नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने जुर्माने की राशि को बहुत ज्यादा बताया. इस पर सीएम ने कहा कि इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि चालान करने से पहले लोगों को जागरूक करें.
मास्क को लेकर 5000 रुपए जुर्माने पर कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन सिंह चौहान ने भी सवाल उठाए, मास्क न पहनने पर सीएम और मंत्रियों लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी विधायकों समेत नेताओं और अधिकारियों के भी चालान काटने की बात कही.
ऊना के हिंदू युवक को सऊदी अरब में मुस्लिम रीति रिवाज से दफनाने के कांग्रेस विधायक सतपाल सिंह रायजादा के सवाल पर सीएम ने कहा कि विदेश मंत्रालय और सऊदी अरब में कॉउंसलर जनरल ऑफ इंडिया के समक्ष ये मामला उठाया है. ई-मेल के माध्यम से सूचना दी गई है कि गलती से उसे दफनाया गया है. शव को जल्द भारत भेजने की प्रकिया जल्द शुरू की जाएगी.
इमरजेंसी के दौरान जेल जाने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए लाए गए लोकतंत्र प्रहरी विधेयक पर विपक्ष की ओर से सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सरकार अपने दल और विचार के लोगों को सम्मानित करने के लिए ये बिल लेकर आई है. सीएम ने जबाव दिया कि सही प्रकिया और नियमों के अनुसार बिल लाया गया है. 81 लोगों को सम्मानित किया जाएगा. 
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