जानिए क्यों, 80 साल के कृष्ण कुमार परूथी क्यों बन गए सभी के लिए प्रेरणा

करीब 52 साल का हो जाने पर कृष्ण कुमार ने इस आर्ट के जरिए कमाना शुरू किया और आज 29 साल बाद भी उनका ये शौक उनकी कमाई का जरिया बना हुआ है.

Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 1, 2019, 6:12 PM IST
जानिए क्यों, 80 साल के कृष्ण कुमार परूथी क्यों बन गए सभी के लिए प्रेरणा
कृष्ण कुमार परूथी पाकिस्तान के भोलेवाला गांव से संबंध रखते हैं.
Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 1, 2019, 6:12 PM IST
इंसान की उम्र जब 60-70 के पार हो जाती है तब इंसान यह सोचने लगता है कि अब मेहनत नहीं बल्कि आराम करना है. ऐसा होना स्वाभाविक है क्योंकि इस उम्र में ना ही शरीर में दमखम बचता है और ना ही कुछ करने का जज्बा. लेकिन शिमला में रहने वाले 80 साल के कृष्ण कुमार परुथी इन सभी बातों को पीछे छोड़ रहे हैं और वे आज भी किसी युवा से ज्यादा चुस्त दिखते हैं. कुष्ण कुमार आपको हमेशा बच्चों के बीच घिरे हुए नजर आएंगे. वे उन बच्चों को सूखे पत्तों, फूलों और आर्ट पेपर से ग्रीटिंग कार्ड, बुकमार्क, विज़िटिंग कार्ड जैसी चीजें बनाना सीखाते हुए नजर आते हैं. कृष्ण कुमार के परिवार में आज वो अकेले ही बचे हैं. उनके भाई की मौत करीब ढाई साल पहले टूट गई थी. भाई की मौत के बाद से वह अपने आप को ज्यादा से ज्यादा व्यस्त रखते हैं. बच्चों को अपनी कला बंटते हैं.

पिछले 5 सालों से एक कार्यशाला का आयोजन कर रहे हैं

Krishna puruthi-कृष्ण कुमार परूथी
कृष्ण कुमार परूथी पिछले 29 सालों से प्रोसेस्ड ड्राइ फ्लावर आर्ट बनाना सिखा रहे हैं.


भाषा कला एवं संस्कृति विभाग के कार्यालय में कृष्ण परूथी पिछले 5 सालों से एक कार्यशाला का आयोजन कर रहे हैं. इसमें स्कूल और कॉलेज के छात्र प्रोसेस्ड ड्राइ फ्लावर आर्ट सीखते हैं. कृष्ण कुमार परुथी मानते हैं कि ये एक ऐसा आर्ट है, जिसे सीख कर युवा अपनी बेरोजगारी दूर कर सकते हैं. कृष्ण कुमार अपने इसी हुनर के दम पर पिछले 29 सालों से रोजगार कमा रहे हैं.

कृष्ण कुमार की कार्यशाला में छात्रों को आता है बहुत आनंद 

कृष्ण कुमार की कार्यशाला में आने वाले छात्रों को बहुत आनंद आता है. इन बच्चों को 80 साल के इस बुजुर्ग को देखकर जीवन में कभी भी हार नहीं मानने की प्रेरणा भी मिलती रहती है.

कृष्ण कुमार हैं कौन
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कृष्ण परुथी आखिर हैं कौन? कृष्ण कुमार परूथी पाकिस्तान के भोलेवाला गांव से संबंध रखते हैं. आजादी के बाद जब भारत और पाकिस्तान का विभाजन हो रहा था तब कृष्ण परुथी भारत में ही अपना बिज़नेस चलाते थे. इस बिजनेस में उनके भाई ने भी उनका भरपूर साथ दिया है. कृष्ण कुमार की किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था, उन्होंने जिस बिजनेस में भी हाथ आजमाया लोग उन्हें धोखा देकर सारे पैसे लूट लेते थे. यही वजह है कि कृष्ण परुथी और उनके भाई को कई बार जीरो से काम फिर से शुरू करना पड़ा.

उन्हें प्रोसेस्ड फ्लावर आर्ट का है शौक

बिजनेस में घाटा होता देखा परिवार के सारे लोग एक एक कर उनका साथ छोड़ते गए लेकिन भाई ने साथ नहीं छोड़ा. अपने जीवन के 50 सालों में कृष्ण परूथी ने कई कामों में हाथ आजमाया लेकिन अंत में उनकी हाल इतने खराब हो जाते थे कि उन्हें सड़कों पर आना पड़ जाता था. कृष्ण परूथी को प्रोसेस्ड ड्राई फ्लावर आर्ट का काफी शौक था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका यही शौक उनके रोजगार का साधन बनेगा.
करीब 52 साल का हो जाने पर कृष्ण कुमार ने इस आर्ट के जरिए कमाना शुरू किया और आज 29 साल बाद भी उनका ये शौक उनकी कमाई का जरिया बना हुआ है.

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First published: August 1, 2019, 6:07 PM IST
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