Kotkhai Gang Rape-Murder: शिमला जिला कोर्ट में अहम सुनवाई आज, आ सकता है फैसला

कोटखाई गैंगरेप और मर्डर केस. (सांकेतिक तस्वीर)

कोटखाई गैंगरेप और मर्डर केस. (सांकेतिक तस्वीर)

Kotkhai Gang rape and Murder: शिमला जिले के कोटखाई के महासू स्कूल की दसवीं की छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से आने के बाद अचानक लापता हो गई थी. दो दिन बाद 6 जुलाई को उसकी लाश शव दांदी के जंगल में नग्न अवस्था में मिली थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 8:24 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के बहुचर्चित कोटखाई गैंगरेप और मर्डर (Shimla Gudia Case) केस में शुक्रवार को अहम सुनवाई है. जिला कोर्ट में चल रहे मामले में कोर्ट (CBI) अपना फैसला सुना सकती है. चार साल पहले हुए इस मामले में पूरे प्रदेश को न्याय का इंतजार है. मामले में एक आरोपी है.

बहुचर्चित गुड़िया प्रकरण (Shimla Gudia Case) जहां जिला कोर्ट में विचाराधीन है. वहीं, गुड़िया के परिजनों ने दोबारा जांच की मांग के लिए हाईकोर्ट में भी याचिका लगाई है. बीते शुक्रवार को हाईकोर्ट में इस केस पर बहस हुई थी. परिजन सीबीआई (CBI) जांच से संतुष्ट नहीं है और गुड़िया की मां की ओर मामले की दोबारा जांच की मांग पर मदद सेवा ट्रस्ट की ओर से दायर की गई याचिका लगाई गई है. हाईकोर्ट में मामले पर अब 3 मई को सुनवाई होगी. याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा कि सीबीआई की जांच अधूरी है. ये रेप नहीं गैंगरेप (Gang rape) की जांच दोबारा होनी चाहिए.

जुलाई 2017 का मामला

बता दें कि शिमला जिले के कोटखाई के महासू स्कूल की दसवीं की छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से आने के बाद अचानक लापता हो गई थी. दो दिन बाद 6 जुलाई को उसकी लाश शव दांदी के जंगल में नग्न अवस्था में मिली थी. फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप के बाद हत्या की बात सामने आई थी. शुरूआत में शिमला पुलिस ने इसकी जांच की थी. गैंगरेप की धाराओं में मामला दर्ज किया था और पांच आरोपी भी गिरफ्तार किए थे. एसआईटी जांच से जनता संतुष्ट नहीं थी और सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. ये पांचों आरोपी बाद में बेल पर छोड़ दिए गए थे और सीबीआई की ओर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
एक संदिग्ध आरोपी की मौत

18 जुलाई 2017 को कोटखाई थाने में एक आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद जनाक्रोश भड़का और कई स्थानों पर उग्र प्रदर्शन हुए. केंद्र की ओर से सीबीआई जांच को लेकर स्थिती स्पष्ट नहीं हो पाई. इस बीच प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिती बिगड़ते देख सरकार सीबीआई जांच को लेक हाई कोर्ट गई और हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच करने के आदेश जारी किए थे. सीबीआई ने इस मामले में 13 अप्रैल 2018 को एक नीलू नामक एक चिरानी को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ जुलाई 2018 में कोर्ट में चालान पेश किया था.
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