लाइव टीवी

कोटखाई गैगरेप-मर्डर: गुड़िया के परिजन बोले-हैदराबाद एनकाउंटर ‘सही और सबक’

Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: December 6, 2019, 4:07 PM IST
कोटखाई गैगरेप-मर्डर: गुड़िया के परिजन बोले-हैदराबाद एनकाउंटर ‘सही और सबक’
शिमला के कोटखाई गैंगरेप और मर्डर मामला.

Kotkhai Gangrape and Murder: बीते 4 जुलाई 2017 को कोटखाई की एक छात्रा स्कूल से लौटते वक्त लापता हो गई थी. इसके बाद 6 जुलाई को कोटखाई के जंगल में बिना कपड़ों के लाश मिली थी. छात्रा की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी. मामले में छह आरोपी पकड़े गए थे.

  • Share this:
शिमला. हैदराबाद गैंगरेप और मर्डर केस (Hyderabad Gang rape and Murder) के चारों आरोपी पुलिस एनकाउंटर (Hyderabad Encounter) में मारे गए हैं. वहीं, हिमाचल के कोटखाई गैंगरेप और मर्डर मामले में परिजन और सूबे के लोगों को न्याय का इंतजार है. गुड़िया (Gudia Gang rape and Murder) की बुआ और गुड़िया न्याय मंच की संयोजक शारदा दमसेठ ने हैदरबाद एनकाउंटर को सही ठहराया और कहा कि पुलिस (Police) ने आरोपियों के साथ सही किया.

यह बोली गुड़िया की बुआ
गुड़िया की बुआ ने न्यूज18 से बातचीत में कहा कि कई बार पुलिस, ऐसे सज़ा दे सकती नहीं है, लेकिन कुछ चीज़ें हैं, जो कानून के दायरे में नहीं आती हैं. इसलिए पुलिस को भी थोड़ी छूट देनी चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि जब भी इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं तो लगता है कि कब तक महिलाएं के साथ ऐसे मामले होते रहेंगे. आखिर कब तक लड़कियों का रेप होगा और उन्हें जलाया जाएगा?

गुड़िया को  भी न्याय जरूर मिलेगा-शारदा

गुड़िया न्याय मंच की संयोजक शारदा दमसेठ ने कहा कि हैदराबाद पुलिस का एनकाउंटर रेप के आरोपियों के लिए एक सबक है. उन्होंने कहा कि पुलिस को भी आरोपियों के पैरों में गोली मारकर उन पर पेट्रोल डाल का उन्हें जिंदा जलाना चाहिए था. गुड़िया गैंगरेप केस पर शारदा कहती हैं कि देर से ही सही पर गुड़िया को न्याय जरूर मिलेगा. हमें पूरी उम्मीद है.

कोटखाई गैंगरेप की विक्टिम गुड़िया की बुआ शारदा.
कोटखाई गैंगरेप की विक्टिम गुड़िया की बुआ शारदा.


यह बोली गुड़िया की दादीगुड़िया की दादी बिमला ने भी हैदराबाद पुलिस का समर्थन किया और कहा कि पुलिस ने एनकाउंटर कर सही किया, लेकिन ऐसे मामलों में दरिंदों को फांसी मिलनी चाहिए. हम इंतजार कर रहे हैं कि कब गुड़िया के आरोपियों को सजा मिले. गुड़िया मामले में आरोपी को ऐसे ही सजा दी जानी चाहिए.

ये है पूरा मामला
बीते 4 जुलाई 2017 को कोटखाई की एक छात्रा स्कूल से लौटते वक्त लापता हो गई थी. इसके बाद 6 जुलाई को कोटखाई के जंगल में बिना कपड़ों के लाश मिली थी. छात्रा की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी. मामले में छह आरोपी पकड़े गए थे. इनमें राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, हलाइला गांव, सुभाष बिस्ट (42) गढ़वाल, सूरज सिंह (29) और लोकजन उर्फ छोटू (19) नेपाल और दीपक (38) पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार शामिल थे. आरोपी सूरज की कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 की रात को हत्या कर दी गई थी. मामले को हुए ढाई साल से अधिक का समय हो गया है.

दो अलग-अलग केस दर्ज
सीबीआई ने इन दोनों मामलों में केस दर्ज किया है. बाद में सीबीआई ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया और कहा कि एक ही आरोपी ने पूरी वारदात को अंजाम दिया था. वहीं, सूरज की हत्या मामले में सीबीआई टीम ने नौ पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया था. पुलिस कर्मियों में शुरुआती जांच करने वाली एसआईटी के प्रमुख आईजी जैदी, शिमला के तत्कालीन एसपी नेगी और ठियोग के डीएसपी भी शामिल हैं. फिलहाल, ये सभी जमानत पर हैं.

ये भी पढ़ें: हिमाचल में बारात देखने छत पर चढ़े लोग, छज्जा टूटा, महिला की मौत, 3 घायल

हैदराबाद एनकाउंटर पर बोले CM जयराम-दिल दहलाने वाला मामला, ‘अच्छा हुआ’

ITBP कैंप में फायरिंग में शहीद हिमाचली जवान महेंद्र सिंह पंचतत्व में विलीन

हिमाचल में 10 साल की मासूम का 14 साल के भाई ने किया रेप, अब हिरासत में

हैदराबाद गैंगरेप: कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने एनकाउंटर को सही ठहराया

CM के गृहजिला में 17 जनमंचों में निपटाई गईं 6937 शिकायतें, 166 लंबित

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए शिमला से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 6, 2019, 4:01 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर