Kotkhai Rape And Murder: दोषी नीलू चरानी की सजा पर सुनवाई फिर टली

शादी समारोह में गई युवती को अगवा कर किया गैंगरेप.

सीबीआई ने इस मामले में 13 अप्रैल 2018 को एक नीलू नामक एक चिरानी को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ जुलाई 2018 में कोर्ट में चालान पेश किया था. 28 अप्रैल को अब नीलू को दोषी करार दिया गया है.

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    शिमला. हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित कोटखाई दुष्कर्म और हत्या (Kotkhai Gang rape and Murder) मामले में दोषी नीलू चरानी की सजा पर सुनवाई अब 28 मई तक टल गई है. कोरोना कर्फ्यू (Corona Curfew) की बंदिशों के चलते शिमला एक विशेष अदालत में अब सजा (Sentence) को लेकर इस मामले में 28 मई की तारीख तय की है.

    शिमला जिले के कोटखाई में साल 2017 में हुए गुड़िया दुष्कर्म व हत्याकांड में 28 अप्रैल 2021 को आरोपी नीलू को दोषी करार दिया था. इस पर दोषी को मंगलवार को सजा को लेकर सुनवाई होनी तय थी. बता दें कि मामले की दोबारा जांच के लिए हाईकोर्ट में भी मामला चल रहा है.

    जुलाई 2017 का मामला
    बता दें कि शिमला जिले के कोटखाई के महासू स्कूल की दसवीं की छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से आने के बाद अचानक लापता हो गई थी. दो दिन बाद 6 जुलाई को उसकी लाश शव दांदी के जंगल में नग्न अवस्था में मिली थी. फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप के बाद हत्या की बात सामने आई थी. शुरूआत में शिमला पुलिस ने इसकी जांच की थी. गैंगरेप की धाराओं में मामला दर्ज किया था और पांच आरोपी भी गिरफ्तार किए थे. एसआईटी जांच से जनता संतुष्ट नहीं थी और सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. ये पांचों आरोपी बाद में बेल पर छोड़ दिए गए थे और सीबीआई की ओर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.

    एक संदिग्ध आरोपी की मौत
    18 जुलाई 2017 को कोटखाई थाने में एक आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद जनाक्रोश भड़का और कई स्थानों पर उग्र प्रदर्शन हुए. कोटखाई थाना जला दिया गया था. केंद्र की ओर से सीबीआई जांच को लेकर स्थिती स्पष्ट नहीं हो पाई. इस बीच प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिती बिगड़ते देख सरकार सीबीआई जांच को लेक हाई कोर्ट गई और हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच करने के आदेश जारी किए थे. सीबीआई ने इस मामले में 13 अप्रैल 2018 को एक नीलू नामक एक चिरानी को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ जुलाई 2018 में कोर्ट में चालान पेश किया था. अब नीलू को दोषी करार दिया गया है.