हिमाचल के बहुचर्चित कोटखाई दुष्कर्म-मर्डर के दोषी नीलू की सजा पर तीसरी बार टली सुनवाई

शिमला में रेेप और मर्डर.

Kotkhai Rape and Murder Case: शिमला जिले के कोटखाई के महासू स्कूल की दसवीं की छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से आने के बाद अचानक लापता हो गई थी. दो दिन बाद 6 जुलाई को उसकी लाश शव दांदी के जंगल में नग्न अवस्था में मिली थी. फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप के बाद हत्या की बात सामने आई थी.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला (Shimla) जिले में हुए बहुचर्चित कोटखाई दुष्कर्म और मर्डर केस (Kotkhai Rape and Murder Case) में दोषी करार नीलू की सजा पर एक बार फिर से सुनवाई टल गई है. शुक्रवार को दोषी की सजा पर ऐलान होना था लेकिन कोरोना वायरस के चलते सजा पर बहर नहीं हो पाई और मामला टल गया. अब तीन जून को कोर्ट में फिर से मामले की सुनवाई होगी. इससे पहले दो बार सुनवाई (Hearing) टल चुकी है.

दरअसल, 28 अप्रैल को शिमला की जिला अदालत ने नीलू को दोषी करार दिया था. इसके बाद जज ने तय किया था कि 11 मई को सजा का ऐलान होगा. लेकिन इस दिन सुनवाई टल गई और 18 मई की तारीख मुकर्रर की गई. 18 मई को सुनवाई टलने के बाद 28 मई के लिए तारीख तय की गई थी, लेकिन अब फिर से सुनवाई टाली गई है. कोरोना वायरस के चलते दोषी का कोर्ट में आना सुरक्षित नहीं है.

जुलाई 2017 का मामला
बता दें कि शिमला जिले के कोटखाई के महासू स्कूल की दसवीं की छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से आने के बाद अचानक लापता हो गई थी. दो दिन बाद 6 जुलाई को उसकी लाश शव दांदी के जंगल में नग्न अवस्था में मिली थी. फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप के बाद हत्या की बात सामने आई थी. शुरूआत में शिमला पुलिस ने इसकी जांच की थी. गैंगरेप की धाराओं में मामला दर्ज किया था और पांच आरोपी भी गिरफ्तार किए थे. एसआईटी जांच से जनता संतुष्ट नहीं थी और सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. ये पांचों आरोपी बाद में बेल पर छोड़ दिए गए थे और सीबीआई की ओर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
एक संदिग्ध आरोपी की मौत
18 जुलाई 2017 को कोटखाई थाने में एक आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद जनाक्रोश भड़का और कई स्थानों पर उग्र प्रदर्शन हुए. कोटखाई थाना जला दिया गया था. केंद्र की ओर से सीबीआई जांच को लेकर स्थिती स्पष्ट नहीं हो पाई. इस बीच प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिती बिगड़ते देख सरकार सीबीआई जांच को लेक हाई कोर्ट गई और हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच करने के आदेश जारी किए थे. सीबीआई ने इस मामले में 13 अप्रैल 2018 को एक नीलू नामक एक चिरानी को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ जुलाई 2018 में कोर्ट में चालान पेश किया था.