कोटखाई रेप-मर्डर: HC के जस्टिस तरलोक चौहान ने सुनवाई से खुद को किया अलग

हिमाचल हाईकोर्ट में हुई सुनवाई.

हिमाचल हाईकोर्ट में हुई सुनवाई.

Kotkhai Rape and Murder: शिमला के कोटखाई की दसवीं की छात्रा का शव 6 जुलाई 2017 को दांदी जंगल से बरामद किया गया था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि उसकी रेप के बाद हत्या की गई है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में कोटखाई रेप और मर्डर केस (Kotkhai Rape and Murder) की दोबारा जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई टल गई. शुक्रवार को न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश CB बारोवालिया की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई. इस दौरान जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने खुद को सुनवाई वाले बैंच से अलग कर लिया है. अब किसी ओर बैंच को यह केस दिया जाएगा.

जिला अदालत ने 11 मई को सजा का ऐलान

हाल ही में 28 अप्रैल को इस बहुचर्चित केस में शिमला जिला अदालत में विशेष न्यायाधीश राजीव भारद्वाज की अदालत ने 28 वर्षीय अनिल कुमार उर्फ नीलू उर्फ चरानी नामक युवक को दोषी करार दिया है. धारा 372 (2) (I) और 376 (A) के तहत बलात्कार का दोषी माना. साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उसे हत्या और धारा 4 में दमनकारी यौन हमला करने की सजा का पात्र माना. पीड़िता नाबालिग थी, इसलिए POCSO के तहत भी दोषी माना गया. सजा का ऐलान 11 मई को होगा.

परिजनों ने हाईकोर्ट में डाली याचिका
संबंधित पक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके CBI की जांच में खामियां बताई हैं और इस मामले की जांच दोबारा करवाने की मांग की है. शुक्रवार को हाईकोर्ट में न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश CB बारोवालिया की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई। इस दौरान जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने खुद को सुनवाई वाले बैंच से अलग कर लिया है. इसके बाद दायर याचिका पर सुनवाई फिलहाल टल गई है.

क्या है मामला

शिमला के कोटखाई की दसवीं की छात्रा का शव 6 जुलाई 2017 को दांदी जंगल से बरामद किया गया था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि उसकी रेप के बाद हत्या की गई है. इस केस की जांच पहले पुलिस की SIT कर रही थी. तत्कालीन IG जहूर जैदी की अध्यक्षता में गठित SIT ने रेप-मर्डर के आरोप में एक स्थानीय युवक सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें से एक नेपाली युवक सूरज की कोटखाई थाने में पुलिस हिरासत के दौरान संदिग्ध मौत हो गई थी. हिमाचल प्रदेश में कई जगह उग्र प्रदर्शन हुए तो यह केस CBI के हवाले कर दिया गया था. CBI ने ही इस मामले का खुलासा किया था. CBI ने गुड़िया रेप-मर्डर और सूरज हत्याकांड में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए. सूरज हत्याकांड में IG जैदी सहित नौ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया और इनके खिलाफ कोर्ट में चालान भी पेश किया गया.

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