शिमला में सील्ड मार्गों पर गाड़ियां रोकने पर उग्र हुए वकील, पुलिस से नोकझोंक

बालुगंज के बाहर प्रदर्शन के दौरान वकील काफी उग्र नजर आए और इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच हल्की फुल्की धक्का मुक्की भी हुई. पुलिस ने क्यूआरटी के जवान मौके पर बुलाए. मौके पर पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी.

G.S. Tomar | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 23, 2019, 5:24 PM IST
शिमला में सील्ड मार्गों पर गाड़ियां रोकने पर उग्र हुए वकील, पुलिस से नोकझोंक
शिमला में वकीलों का प्रदर्शन.
G.S. Tomar
G.S. Tomar | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 23, 2019, 5:24 PM IST
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्कूल बस हादसे के बाद पुलिस की सख्ती आम जनता परेशान है. प्रतिबंधित मार्गों पर गाड़ियों की पूरी तरह से आवाजाही पर रोक लगाने के बाद सभी परेशान हैं.

प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के बाद प्रतिबंधित सड़कों पर गुजरने वाहनों पर कार्रवाई पर घमासान मचा हुआ है. सोमवार को वाहनों को रोकने पर नाराज वकीलों ने बालूगंज थाने का घेराव किया था. अब मंगलवार को भी वकीलों ने प्रदर्शन किया है.

नाराज वकीलों ने बालूगंज थाने से विधानसभा प्रतिबंधित मार्ग पर सड़क पर बैठकर चक्का जाम भी किया. मंगलवार को भी वकीलों का विरोध जारी रहा. इसके चलते जिला अदालत में कामकाज ठप रहा. इससे पहले, वकीलों ने उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर प्रदर्शन किया है.

पुलिस से नोंकझोंक

बालुगंज के बाहर प्रदर्शन के दौरान वकील काफी उग्र नजर आए और इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच हल्की फुल्की धक्का मुक्की भी हुई. पुलिस ने क्यूआरटी के जवान मौके पर बुलाए. मौके पर पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी.

एसपी पहुंचे मौके पर

वकीलों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए एसडीएम, एडीएम और एसपी शिमला भी बालुंगज थाने पहुंचे और प्रदर्शनाकारियों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास करने लगे, लेकिन कामयाब नहीं हुए और वकील लगातार सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे. जिला कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सरकेक ने कहा कि जब तक वकीलों के वाहनों को सील्ड रोड़ पर गुजरने की अनुमति नहीं मिलती, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.
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रोक अधिकारों का हनन

राजीव सरकेक का आरोप है कि 2015 में हाईकोर्ट ने उन्हें जिला कोर्ट आने-जाने के लिए सील्ड रोड़ से अनुमति प्रदान की थी. ऐसे में अब रोक लगाने के मायने है कि वकीलों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है. राजीव सरकेक ने कहा कि राजनेताओं, अधिकारियों और न्यायाधीशों के वाहनों पर कोई रोक नहीं है, जबकि आम आदमी को परेशान किया जा रहा है, जो मान्य नहीं है.

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First published: July 23, 2019, 4:29 PM IST
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