हिमाचल में सामान्य से कम बरसा मॉनसून, सितंबर अंत में होगा रुखसत

हिमाचल प्रदेश को मानसून ने इस बार 1200 करोड़ रुपये की चपत लगाई है. नुकसान का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है. हिमाचल में बरसात (Heavy Rain) ने इस बार खूब तबाही मचाई है. सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग (Public Works Department) को हुआ है.

Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 12, 2019, 2:39 PM IST
हिमाचल में सामान्य से कम बरसा मॉनसून, सितंबर अंत में होगा रुखसत
हिमाचल में मॉनसून की बारिश. (FILE Photo)
Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 12, 2019, 2:39 PM IST
शिमला. हिमाचल प्रदेश में इस बार अब तक मॉनसून सीजन (Monsoon Season) में सामान्य से कम बारिश (Rainfall) हुई है. इस साल मानसून सीजन के दौरान सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई है. हालांकि, अगस्त (August) महीने में इस बार रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई है, लेकिन सितंबर में मॉनसून की रफ्तार सूबे में धीमी पड़ी है. हिमाचल (Himachal Pradesh) के कई इलाकों में हल्की बारिश हो रही है, लेकिन यह नाकाफी है. वहीं, हिमाचल से सितंबर के आखिरी हफ्ते में प्रदेश से मॉनसून की विदाई होगी.

मनमोहन सिंह, निदेशक मौसम विभाग, शिमला के अनुसार, एक से 10 सितंबर तक सूबे में सामान्य से 61 फीसदी कम बरसात रिकॉर्ड की गई है. सितंबर में बीते 12 दिन में 69 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 27.4 एमएम बारिश ही हुई है. आने वाले एक सप्ताह में हिमाचल में मौसम सामान्य रहेगा. मध्यपर्वतीय और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. पहाड़ी इलाकों में तापमान गिरेगा और हल्के हिमपात की संभावना भी बनी हुई है.

अगस्त में ज्यादा बारिश
मनमोहन सिंह ने बताया कि अगस्त में हिमाचल में सामान्य से 24 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है. अगस्त में सबसे अधिक बारिश कुल्लू में सामान्य से 73 फीसदी ज्यादा दर्ज की गई है. 16 और 17 अगस्त को 24 घंटों में 102 एमएम बारिश सूबे में हुई थी, जो कि एक रिकॉर्ड है.

पूरे सीजन में कम हुई बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, इस साल मानसून सीजन के दौरान हिमाचल में अब तक 620 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि के दौरान 696 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी. यह सामान्य से 12 फीसदी कम है.

साल 2018 के आंकड़े
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साल 2018 के दौरान मॉनसून सीजन में सामान्य से 21 फीसदी ज्यादा बादल बरसे थे. इस दौरान एक जून से 30 सितंबर तक 927 मिलीमीटर पानी बरसा था. वहीं, साल 2017 में सामान्य से 6 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड किया गया था. कुल्लू, शिमला, ऊना और बिलासपुर जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है, लेकिन सात जिलों में बादल ज्यादा नहीं बरसे हैं.

किन्नौर और लाहौल स्पीती में कम बारिश
इस मॉनसून सीजन में सबसे अधिक पानी बिलासपुर में बरसा है. बिलासपुर में सामान्य से 26 फीसदी यानी 1015 एमएम, कुल्लू में सामान्य से 15 फीसदी अधिक यानी 524 एमएम, हमीरपुर में 9 फीसदी यानी 1049 एमएम, ऊना में छह फीसदी बारिश हुई है. सबसे कम बारिश किन्नौर में दर्ज हुई है. यहां सामान्य से 50 फीसदी कम पानी बरसा है. इसके अलावा, लाहौल स्पीति में सामान्य से 50 फीसदी कम बारिश देखी गई है.

अब तक 1200 करोड़ रुपये की चपत
हिमाचल प्रदेश को मानसून ने इस बार 1200 करोड़ रुपये की चपत लगाई है. नुकसान का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है. हिमाचल में बरसात (Heavy Rain) ने इस बार खूब तबाही मचाई है. सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग (Public Works Department) को हुआ है.

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First published: September 12, 2019, 2:15 PM IST
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