नियम सबके लिए बराबर! दिल्ली से हिमाचल DGP से सीधे मिलने कैसे पहुंचा कोरोना से मारा गया ‘वो’ शख्स?
Shimla News in Hindi

नियम सबके लिए बराबर! दिल्ली से हिमाचल DGP से सीधे मिलने कैसे पहुंचा कोरोना से मारा गया ‘वो’ शख्स?
हिमाचल डीजीपी के क्वारंटीन होने का मामला.

माकपा विधायक राकेश सिंघा का बयान आया है. इस पूरे मामले पर सरकार जबावदेह है. उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि वो किसकी अनुमति से आए थे, अगर वैध पास लेकर वो आए थे तो वो पास, सार्वजनिक किया जाए?

  • Share this:
शिमला. हिमाचल प्रदेश के नवनियुक्त डीजीपी (DGP) संजय कुंडू से मुलाकात करने वाले शख्स की दिल्ली में कोरोना से दुखद मौत हो जाती है. इसके बाद हिमाचल प्रदेश में हड़कंप मच जाता है. आनन-फानन में शिमला (Shimla) में पुलिस मुख्यालय को सेनेटाइज किया जाता है और डीजीपी समेत 30 कर्मचारियों के सैंपल जांचें जाते हैं. कोरोना से मारा गया यह शख्स एक जून को शिमला में डीजी से मिला था. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि वह दिल्ली से कैसे सीधे डीजीपी से मिलने पहुंच गया और क्या उसे शोघी बैरियर (barrier) पर रोका नहीं गया. रेड जोन से आ रहे हैं आम लोगों को तो पुलिस बैरियर्स पर रोक लेती है और क्वारंटीन कर देती है फिर उस शख्स को खास तवज्जों क्यों दी गई?

तीस लोगों की सैंपलिंग
पुलिस मुख्यालय में कोरोना सैंपल लिए जाने के मामले में कुल 29 में से एक सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी, डीजीपी समेत 28 की पहली रिपोर्ट नेगेटिव आई है. एसपी लॉ एंड ऑर्डर खुशहाल शर्मा ने बताया कि एक सैंपल सही से नहीं लिया गया था, इसलिए वो रिपीट किया जाएगा. पुलिस मुख्यालय ने बताया था कि एक व्यक्ति 1 जून को डीजीपी से पुलिस मुख्यालय में मिला था और फिर उसी दिन दिल्ली चला गया था. 8 जून को ये व्यक्ति दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव पाया गया और 9 जून को उसकी दुखद मौत हो गई. उसके बाद यहां पुलिस मुख्यालय में हड़कंप मच गया. डीजीपी समेत अन्य लोगों के सैंपल लिए गए और क्वॉरंटीन हो गए.

ये सवाल अनसुलझे
वो शख्स कौन था, वो हिमाचल का रहने वाला था या दिल्ली का? वो वैध पास पर आया या नहीं? शोघी बॉर्डर पर डॉक्टरों की टीम और पुलिस ने रोका था या नहीं रोका, बाहर से आने वाले अन्य लोगों की तरह उनसे पूछताछ या जांच हुई या नहीं, वो व्यक्ति कितनी देर मुख्यालय में रहा, किन-किन लोगों से मिला, शिमला में किस किस से मिला, उसके साथ और कितने लोग आए थे? उसकी उम्र क्या थी ,क्या वो सरकारी अधिकारी था या व्यक्तिगत तौर पर आया था, ऐसे तमाम सवालों का जबाव अब तक न तो पुलिस मुख्यालय और न ही जिला प्रशासन से मिला है.



पुलिस और प्रशासन खामोश
प्रदेश के एसपी लॉ एंड ऑर्डर और हिमाचल पुलिस के प्रवक्ता खुशहाल शर्मा और शिमला के डीसी अमित कश्यप से यह सवाल हमने पूछे, लेकिन कोई जबाव नहीं मिला. न ही सरकार ओर से इस बारे में वक्तव्य जारी किया गया है. इतनी जानकारी जरूर दी गई थी कि एक जून के बाद डीजीपी सीएम से लेकर अधिकारियों सत्तापक्ष और नेता प्रतिपक्ष समेत कई गणमान्य लोगों से मिले हैं.पूरी जानकारी दी जाए तो यह सवाल समाप्त हो जाएंगे.

माकपा ने उठा सवाल
इस मामले पर माकपा विधायक राकेश सिंघा का बयान आया है. इस पूरे मामले पर सरकार जबावदेह है. उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि वो किसकी अनुमति से आए थे, अगर वैध पास लेकर वो आए थे तो वो पास, सार्वजनिक किया जाए, शिमला आने पर किस किस से मुलाकात की इसकी जानकारी भी सरकार सार्वजनिक करे. उन्होंने कहा कि समय समय पर यह सूचना मिली है कि प्रभावशाली लोग नियमों की अनदेखी कर शिमला पहुंचे हैं. शोघी बॉर्डर पर किसी को नहीं रोका गया..उन लोगों में राजनेताओं से लेकर बड़े नौकरशाह तक शामिल हैं. सिंघा ने अपनी मुलाकात के बारे में बताया कि डीजीपी बनने से पहले वो संजय कुंडू से मुख्यमंत्री कार्यालय में मिले थे, डीजीपी बनने के बाद हाल ही में 2-4 दिन पहले सचिवालय में चलते-चलते मुलाकात हुई थी.

यह बोले सीएम
डीजीपी हिमाचल संजय कुंडू से कोरोना संक्रमित व्यक्ति के मिलने का मामला के बाद सवाल उठ रहे हैं कि दिल्ली से व्यक्ति कैसे हिमाचल पहुंचा. इस मामले में अब मुख्यमंत्री हिमाचल जयराम ठाकुर ने कहा
कि मामला ध्यान में आया है, लेकिन अच्छी बात यह है कि सभी लोग नेगेटिव निकले हैं. सीएम ने कहा कि हालांकि, लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.

ये भी पढ़ें: HimachalCovid19Update: 24 घंटे में 26 नए केस, 21 मरीज हुए स्वस्थ

HP Board 10th results: मंडी के ऑटो चालक की बेटी निशा ने मेरिट में बनाई जगह
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading