Mandi Loksabha By-Elections: चुनावी सुगबुगाहट तेज, CM जयराम से मिले ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर

सीएम जयराम ठाकुर के साथ ब्रि. खुशाल ठाकुर. (FILE PHOTO)

सीएम जयराम ठाकुर के साथ ब्रि. खुशाल ठाकुर. (FILE PHOTO)

Mandi Loksabha By-Elections: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भाजपा के दिवंगत सांसद रामस्वरूप शर्मा की मौत के बाद यह सीट खाली हो गई है. ऐसे में अब यहां उपचुनाव होने हैं. इसके अलावा, कांगड़ा के फतेहपुर में भी विधानसभा के लिए उपचुनाव होगा.

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  • Last Updated: April 10, 2021, 11:51 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश में मंडी संसदीय सीट पर उपचुनाव को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी के सांसद राम स्वरूप शर्मा की मौत के बाद यह सीट खाली हुई है और अब टिकट के तलबगार सीएम के दरबार में हाजिरी लगाने लगे हैं. इस कड़ी में ताजा नाम कारगिल हीरो रिटायर ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर का जुड़ा है. इससे पहले मंडी से पूर्व भाजपा सांसद महेश्वर सिंह भी सीएम से शिमला में मुलाकात कर चुके हैं.

जानकारी के अनुसार, शनिवार को शिमला में ब्रिगेडियर(रि.) खुशाल ठाकुर 11 बजे सीएम से ओकओवर में मिलने पहुंचे हैं. उनकी इस मुलाकात को मंडी सीट से भाजपा के प्रत्याशी के रूप में दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है. दरअसल, सीट के दावेदारों में खुशाल ठाकुर का नाम इसलिए भी जुड़ा है, क्योंकि, वह 2019 के लोकसभा चुनाव में दिवंगत सांसद रामस्वरूप शर्मा के कवरिंग कैंडिडेट भी थे. बीते लोकसभा चुनाव में वह टिकट के दावेदारों में शामिल थे और उनका नाम भी हाईकमान को भेजा गया था.

कौन है बिग्रेडियर खुशाल ठाकुर

मौजूदा समय में ब्रिगेडियर खुशाल सिंह ठाकुर हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक निगम हमीरपुर का अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हैं. कारगिल युद्ध के दौरान उनकी यूनिट ने पाक सैनिकों के छक्के छुड़ा दिए थे. उनकी यूनिट ने कारगिल युद्ध में अदम्य साहस के लिए 18 ग्रेनेडियर को 52 वीरता पुरस्कार मिले थे. 18 ग्रेनेडियर का नेतृत्व करने के लिए उन्हें भी युद्ध सेवा मेडल से नवाजा गया है. खुशाल ठाकुर का जन्म 9 सितंलब 1954 में मंडी के नगवाई में हुआ है. 1976 में उन्हें भारतीय सैना ज्वाईन की थी.
करगिल युद्ध के दौरान खुशाल ठाकुर और भारतीय सेना के जवान.


इसलिए बढ़ी सियासी सरगर्मी 

चुनाव आयोग (Election Commission) ने भी 30 मार्च को चिट्ठी निकालकर सरकार को प्रशासनिक फेरबदल करने की हिदायत जारी कर दी है. चिट्ठी में साफ तौर पर लिखा है, ऐसे सभी अधिकारियों को 20 अप्रैल से पहले तबादला किया जाए, जिनका संसदीय क्षेत्र में तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है. ऐसे में बहुत से प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी इसकी जद में आ रहे हैं. मंडी संसदीय क्षेत्र के तहत हिमाचल प्रदेश के छः जिले आते हैं जिनमें मंडी, कुल्लू, लाहुल स्पिति, चंबा, किन्नौर और शिमला जिला शामिल हैं. जिन अधिकारियों को यहां तीन साल से अधिक का समय हो गया है उन्हें तुरंत प्रभाव से बदलकर संसदीय क्षेत्र से बाहर तैनाती देनी होगी.
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