शहर के 197 खतरनाक पेड़ों का मामला सरकार के पास लंबित, हर साल होता है लाखों का नुकसान

खतरनाक पेड़ों को लेकर वन मंत्री के सामने मामला उठाया गया है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि अगले माह होने वाली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया जाएगा.

Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: June 30, 2019, 7:08 PM IST
Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: June 30, 2019, 7:08 PM IST
बरसात शुरू होने से पहले शिमलावासियों की मुश्किलें एक बार फिर बढने वाली है. शहर में खतरनाक पेड़ों के साए में जीने वाले लोगों के लिए राहत की उम्मीद नहीं है. शनिवार को हुई निगम की मासिक बैठक में वार्ड पार्षदों ने निगम की ट्री कमेटी को खतरनाक पेड़ों के लिए जिम्मेदार ठहराया है. वार्ड पार्षदों का कहना है कि शहर में हर साल बरसात के समय खतरनाक पेड़ लोगों को काफी नुक्सान पहुंचाते हैं. निगम की ट्री कमेटी के पास अभी भी करीब दो सौ से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं. वहीं ट्री कमेटी निगम को गुमराह करने के लिए सरकार के पाले में मामला डाल देती है और अपना पल्ला झाड़ लेती है. पार्षदों का कहना है कि खतरनाक पेड़ों को लेकर ट्री कमेटी अपना निर्णय स्पष्ट करे, जिससे लोगों को राहत पहुंचाया जा सके.

शहर के 197 खतरनाक पेड़ों का मामला सरकार के पास लंबित

वहीं खतरनाक पेड़ों को लेकर ट्री कमेटी की अध्यक्ष मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि शहर के 197 खतरनाक पेड़ों का मामला सरकार के पास लंबित है. खतरनाक पेड़ों को लेकर वन मंत्री के सामने मामला उठाया गया है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि अगले माह होने वाली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया जाएगा. कुसुम सदरेट का कहना है कि सरकार के पास एक साल से मामला विचारधीन है जिसके कारण लोगों को राहत नहीं पहुंचाई जा सकी है. एक जुलाई को एक बार फिर खतरनाक पेड़ों को लेकर वन मंत्री के साथ बैठक होनी है. इस बैठक में खतरनाक पेड़ों के मामले पर चर्चा की जाएगी.

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First published: June 30, 2019, 6:54 PM IST
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