VIDEO: शिमला MC के कर्मियों के अवैध कब्जे, इधर बुजुर्ग का घर तोड़ डाला, रोते रोते CM के पास पहुंची बुजुर्ग
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VIDEO: शिमला MC के कर्मियों के अवैध कब्जे, इधर बुजुर्ग का घर तोड़ डाला, रोते रोते CM के पास पहुंची बुजुर्ग
शिमला में बुजुर्ग महिला का घर एमसी ने तोड़ा.

Shimla Women Cried in front of CM: अवैध कब्जे में बने आशियानों (House) को तोड़ने के लिए नगर निगम शिमला (MC Shimla) ने विशेष अभियान छेड़ा है, लेकिन इस अभियान में नगर निगम (MC) यह बात भूल गया कि जिसके सिर के ऊपर छत (Roof) नहीं, उसका क्या होगा.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला नगर निगम (MC Shimla) की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में हैं. आरोप है कि एमसी (MC) कर्मियों ने बुजुर्ग महिला का घर (House) तोड़ दिया. हालांकि, एमसी कर्मियों ने खुद अवैध कब्जे किए हैं और एमसी ने उन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं है. वहीं बुजुर्ग महिला (Old Lady) का घर अवैध बताकर तोड़ दिया. पूरा मामला सीएम जयराम (CM Jairam Thakur) के पास पहुंचा और बुजुर्ग महिला फूट-फूट कर सीएम के सामने रोई.

सीएम के पास पहुंची महिला

जब एक बजुर्ग महिला का आशियाना एमसी ने तोड़ दिया और महिला रोते-बिलखते हुए मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जा पहुंची. ढली में एपीएमसी के कार्यक्रम में पहुंचे सीएम जयराम ठाकुर के सामने महिला फूट-फूटकर रोई और अपनी फरियाद सुनाई। हालांकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मौके की नजाकत को समझते हुए तुरंत महिला की शिकायत को लिया और समाधान का आश्वासन दिया. इसके बाद अधिकारी महिला राजो देवी को मंच से बाहर ले गए. महिला राजो देवी ने कहा कि ढिंगू माता मंदिर के नजदीक उसका आशियाना था, जो उसके पास रहने का एकमात्र जरिया था, लेकिन उसके नगर निगम वाले इसलिए तोड़ गए, क्योंकि उनका कहना था कि यह अवैध कब्जे में बना है.



सीएम को अपना मांगपत्र देती महिला.

क्या बोली महिला

महिला का कहना है कि वह भूमिहीन है और उसे शहरी क्षेत्र में भी घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध करवाने का नियम है, जिसके लिए उसने नगर निगम शिमला को एप्लिकेशन दी थी, जिस पर अभी तक काईवाई नहीं हुई है.

महिला ने रोते हुए सीएम को अपना दुखड़ा सुनाया.


शिमला में अवैध कब्जे

दरअसल, शिमला में कोरोना वायरस की आड़ में शहरवासियों ने अवैध निर्माण को बढ़ावा दिया है. इसमें नगर निगम शिमला के अपने ही कर्मचारियों ने भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है. अवैध निर्माण को लेकर जब निगम प्रशासन के पास शिकायत पहुंची तो निगम ने निगम आयुक्त विधि के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया था और रिपोर्ट तैयार होनी थी. सूत्र बताते हैं कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों पर जहां निगम के कर्मचारियों के अपने आवास हैं, वहां कर्मचारियों ने करीब पांच दर्जन से ज्यादा अवैध निर्माण किया है.


क्या बोला था एमसी

नगर निगम संयुक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज ने बताया कि अवैध निर्माण को लेकर शिकायत मिली थी जिसके बाद विधि आयुक्त के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया है जिसके बाद हर वार्ड में जाकर निगम के अपने ही कर्मचारियों ने सरकारी आवास मिलने के बाद भी अवैध निर्माण किया है. कुछ ऐसे भी कर्मचारी है, जो रिटायर होकर अभी भी उन आवासों में रह रहे हैं. कुछ लोगों को एक सप्ताह का समय देकर आवास खाली करने के निर्देश दिए हैं.
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