MC शिमला बेपरवाह! सबसे पुरानी टेस्ट लैब पर लगा है ताला

निगम संयुक्त आयुक्त अनिल शर्मा का कहना है कि निगम में लैब चलाने के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है और कुछ महीनों तक पानी के सैंपल की भी जांच की जाती थी. अब शिमला जल प्रबन्धन निगम के कर्मचारी ही पानी के सैंपल की जांच IGMC की लैब में करते हैं. उन्होंने बताया कि निगम की लैब को शुरु करने के लिए आउटसोर्स भी किया जा सकेगा.

Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 29, 2019, 5:15 PM IST
MC शिमला बेपरवाह! सबसे पुरानी टेस्ट लैब पर लगा है ताला
निगम की लैब कई दिन से बंद पड़ी है.
Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 29, 2019, 5:15 PM IST
वितीय संकट से जूझ रहा नगर निगम अपनी आय बढ़ाने के लिए गम्भीर नहीं है. नगर निगम की आय का एक मुख्य स्त्रोत टेस्ट लैब कई सालो से बंद पड़ी है. राजधानी शिमला में जगह जगह लैब खुली हैं, जो अच्छे मुनाफे में चल रही है. नगर निगम की लैब भी निगम कोष में काफी आय जमा करवाती थी, लेकिन टाउनहॉल खाली करने के बाद से इस लैब को फिर से स्थापित नहीं किया गया है. नगर निगम प्रशासन ने भी इस लैब को फिर से संचालित करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है.

कई बार सदन में आया मामला
नगर निगम सदन में पार्षदों ने भी कई बार यह मामला उठा था, लेकिन फिर भी यह लैब शुरू नहीं हो पाई है. इस लैब में बुजुर्ग से लेकर महिलाओं को सभी प्रकार से टेस्ट करने की सुविधा मिलती थी, लेकिन निगम की अनदेखी के कारण लोगों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है और मजबूरन निजी लैब में जाकर अपने टेस्ट महंगी दरों पर करने पड़ते हैं.

ये बोले लोग

स्थानीय लोगों का कहना है कि शिमला की सबसे पुरानी लैब कई साल से धूल खा रही है. लैब के अंदर लाखों की मशीनरी को चलाने के लिए निगम और सरकार के पास कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं है. शहर के वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि शहर के बीचोबीच मौजूद निगम की लैब निगम की लापरवाही के चलते बंद पड़ी है. इस लैब में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चो के टेस्ट सही दरों पर होते थे, लेकिन टाउनहॉल से शिफ्ट होने के बाद न तो इस लैब में निगम का कोई कर्मचारी दिखता है न ही कोई टेस्ट होता है. मजबूरन शहरवासियों को निजी लैब में जाकर अपनी जेब ढीली करनी पडती है. लोगों ने नगर निगम से फिर से इस लैब को चलाने की मांग की है ताकि लोगों को लाभ मिल सके.

ये बोला निगम
निगम संयुक्त आयुक्त अनिल शर्मा का कहना है कि निगम में लैब चलाने के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है और कुछ महीनों तक पानी के सैंपल की भी जांच की जाती थी. अब शिमला जल प्रबन्धन निगम के कर्मचारी ही पानी के सैंपल की जांच IGMC की लैब में करते हैं. उन्होंने बताया कि निगम की लैब को शुरु करने के लिए आउटसोर्स भी किया जा सकेगा.
First published: July 29, 2019, 4:49 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...