लाइव टीवी

VIDEO: मिलिये, सिविल जज परीक्षा की टॉपर चनौती से, ये चुनौतियां पेश आईं

G.S. Tomar | News18 Himachal Pradesh
Updated: December 12, 2019, 12:24 PM IST
VIDEO: मिलिये, सिविल जज परीक्षा की टॉपर चनौती से, ये चुनौतियां पेश आईं
स्टेट ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम में टॉपर शिमला की तहसील जुब्बल के गांव मूरल की बेटी चुनौती सगरौली.

Himachal Pradesh Judicial Services Exam: चुनौती ने कहा कि सिविल जज में चयन होने की सूचना मिलते ही माता-पिता खुशी से झूम उठे और माता-पिता ने जो सपना देखा था, वह साकार हो गया. चुनौती के पिता पेश से वकील हैं.

  • Share this:
शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) न्यायिक सेवा परीक्षा-2019 में बेटियों का ढंका बजा है. कुल 10 में से 9 सीटों पर बेटियों ने कब्जा कर इतिहास रचा और अपने-अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया. स्टेट ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम (State Judicial Service Exam) में टॉपर रही जिला शिमला (Shimla) की तहसील जुब्बल के गांव मूरल की बेटी चुनौती सगरौली ने अपनी प्रतिभा लोहा मनवाया है. 26 वर्षीय चुनौती सगरोली ने सभी चुनौतियों को पार पाते हुए सफलता की गाथा लिखी और बेटियों के लिए मिसाल बनी.

चुनौती के सामने ये चुनौतियां थी
सिविल जज बनने के लिए चुनौती सगरोहली के सामने क्या-क्या चुनौतियां रही, उन्होंने न्यूज-18 के साथ अपने अनुभव सांझा किए. न्यूज-18 से खास बातचीत में सिविल जज चयनित चुनौती सगरोली ने कहा कि दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत ही कामयाबी का मूल मंत्र है. रोजाना 7-8 घंटे पढ़ाई करने के बाद ही सफलता मिली. चुनौती ने युवाओं को सोशल मीडिया से दूर रहने और हताश होने से बचने की नसीहत दी और कहा कि आज का युवा लक्ष्य जल्द हासिल करने की सोच से मेहनत करता है और जल्दी सफलता ने मिलने पर हताश हो जाता है, जो ठीक नहीं है.

चुनौती ने न्यूज18 से बातचीत की.
चुनौती ने न्यूज18 से बातचीत की.


सामने एक दीवार होती है और हाथ में किताब
इसके अलावा, चुनौती ने कहा कि सामने एक दिवार होती है और हाथ में किताब. खुद को मोटिवेट करते रहना सबसे बड़ा चैलेंज रहता है. चुनौती सगरोली ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया और कहा कि उन्होंने भी मुझे सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है.

 ये रहेगी प्राथमिकता

चुनौती सगरोली ने कहा कि चयन होने के बाद वह एक जिम्मेदारी महसूस कर रही है और महिलाओं को त्वरित न्याय देना उनकी प्राथमिकता में होगा. साथ समाज के कमजोर वर्ग को न्याय देकर वह समाज की सेवा करना चाहती है. चुनौती ने कहा कि सिविल जज में चयन होने की सूचना मिलते ही माता-पिता खुशी से झूम उठे और माता-पिता ने जो सपना देखा था, वह साकार हो गया. चुनौती के पिता पेश से वकील हैं.

ये भी पढ़ें: हिमाचल न्यायिक सेवा: चुनौती बनीं टॉपर, 10 में से 8 स्थान बेटियों ने कब्जाए

ये भी पढ़ें: सफेद चादर से ढका शिमला, कुल्लू और मनाली

हिमाचल विधानसभा का शीत सत्र: स्वास्थ्य मंत्री का ऐलान-जल्द मिलेंगे 350 डॉक्टर

मंडी: प्याज पर होलसेल में 5 तो रिटेल में 24 प्रतिशत मुनाफा कमा सकेंगे व्यापारी

11 दिन से लापता शुभम: आरोपी दोस्त का होगा Polygraph टेस्ट, कोर्ट ने दी मंजूरी

मिड-डे मील में जातिगत भेदभाव: हेडमिस्ट्रेस सस्पेंड, बच्चों के बयान दर्ज

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए शिमला से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 12, 2019, 12:12 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर