हिमाचल में पहली बार किसी सरकार ने गौवंश की चिंता की- मंत्री बिक्रम ठाकुर

उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने दो दिवसीय गोपाष्टमी महोत्सव में बतौर मुख्यातिथि हिस्सा लिया
उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने दो दिवसीय गोपाष्टमी महोत्सव में बतौर मुख्यातिथि हिस्सा लिया

मंत्री बिक्रम ठाकुर (Bikram Thakur) ने कहा कि गौ हमारी संस्कृति और पहचान का आधार है. गौ न केवल स्वास्थ्य लाभ बल्कि सुख-समृद्धि का भी साधन है.

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रिपोर्ट- बर्जेश्व साकी

देहरा. हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने गौवंश के बारे में चिंता की और उसके संरक्षण-संवर्धन हेतु कार्य करने का संकल्प लिया. उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर (Bikram Thakur) ने रविवार को जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के बनूड़ी गांव में ये बातें कहीं. उद्योग मंत्री यहां दो दिवसीय गोपाष्टमी महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते पहुंचे थे.

उन्होंने कहा कि गौ हमारी संस्कृति और पहचान का आधार है. गौ न केवल स्वास्थ्य लाभ अपितु सुख-समृद्धि का भी साधन है. गौवंश का संवर्धन एवं संरक्षण इसलिए आवश्यक है क्योंकि इससे हम गौवंश का बचाव नहीं अपितु अपना बचाव कर रहे हैं.



उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में चल रही प्रदेश सरकार ने गौवंश के संवर्धन-संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए प्रदेश में गौसेवा आयोग की स्थापना की और उसके माध्यम से अब गौ संवर्धन-संरक्षण के अनेक कार्य सरकार कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार किसी सरकार ने इस दिशा में कदम उठाया है.
इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने गौसदन परिसर में ही पहाड़ी गांधी बाबा कांशीराम वन विहार का भी शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि भौतिक विकास के साथ-साथ क्षेत्र में आध्यात्मिक विकास भी आवश्यक है, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर होते रहना चाहिए. उन्होंने इस अवसर पर गौसदन समिति द्वारा बताई गई मांगों पर तत्काल प्रभाव से कार्य करने के अधिकारियों को निर्देश दिए.

उन्होंने कहा कि गौसेवा का महत्व हम इसी बात से समझ सकते हैं कि भारत में जितने भी सामाजिक जीवन को दिशा देने वाले लोग हुए उन सबने गौसेवा, गौसंवर्धन एवं संरक्षण को प्राथमिकता दी.
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