शिमला में रेस्क्यू बेटी की दास्तां: सिर मुंडवा दिया, 1 साल से न बाहर भेजा और न भरपेट खाना दिया

शिमला में एक घर से नाबालिग को रेस्क्यू किया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
शिमला में एक घर से नाबालिग को रेस्क्यू किया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

शिमला चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी की अध्यक्ष अमिता भारद्वाज ने कहा कि मध्य प्रदेश की मासूम बच्ची को टूटीकंडी बालिका आश्रम में रखा गया है. उसकी काउंसलिंग की जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 10:11 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला (Shimla) में पुलिस ने एक नाबालिग बेटी (Minor Girl) को एक रसूखदार के घर से रेस्क्यू किया. आरोप है कि परिवार किशोरी से जबरन काम करवाता था और उसके साथ अच्छा व्यवहार भी नहीं करता था. मध्य प्रदेश की 15 साल की किशोरी पर शिमला में हुए अत्याचारों की दास्तां सुन हर किसी की आंखें भर आएंगी. अब इस मामले में नया मोड़ सामने आ गया है. चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने सोमवार को इस मामले की पूरी जांच की, तो कई हैरान कर देने वाले खुलासे हुए.

मध्य प्रदेश की नाबालिग बेटी
मध्य प्रदेश की नाबालिग बेटी ने कहा कि सोमवार को उसने कई महीनों बाद भरपेट खाना खाया. चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के अनुसार शिमला में न केवल बच्ची को दासी की तरह रखा गया, बल्कि उसका सिर तक मुंडवा दिया गया. यहां तक कि नबालिग बच्ची के दोनों हाथों में छाले पड़े हुए थे. इसके अलावा उसे पहनने के लिए अच्छे कपड़े तक नहीं दिए जाते थे. उसे घर पर अंडरग्राउंड रूम में रखा जाता था.

किशोरी का परिवार बेहद गरीब
आरोप है कि किशोरी को किसी से मिलने नहीं दिया जाता था. वहीं, लोगों को कहा जाता था कि उसे हिंदी बोलनी नहीं आती है. लेकिन, शिमला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने जब मासूम बच्ची की काउंसिलिंग की, तो उसने बताया कि एक साल से उसे बाहर घूमने भी नहीं जाने दिया गया. हैरानी इस बात की है कि एक साल से इस बच्ची को वेतन भी नहीं दिया गया. बताया जा रहा है कि लड़की मध्य प्रदेश के घुगरी जिला के चेवा की रहने वाली है. शिमला से चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने जब उसके घर वालों से बात करनी चाही, तो उन्होंने कहा कि वे गरीब हैं और अपनी बेटी को वापस ले जाने में सक्षम नहीं हैं. बताया जा रहा है कि चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी को मध्य प्रदेश पुलिस का भी साथ इस मामले में जांच के लिए नहीं मिल रहा है.



दो दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं
पूरी जानकारी होने के बाद भी टुटू क्षेत्र के रसूखदार को गिरफ्तार नहीं किया गया है. डीएसपी, शिमला प्रमोद शुक्ला का कहना है कि मामले की जांच चल रही है, एफआईआर भी दर्ज की गई है. यह लड़की शिमला में कैसे पहुंची, इसका पता लगाया जा रहा है. जांच के बाद ही इस मामले पर आगामी कार्रवाई की जा सकती है.

टूटीकंडी आश्रम में है बच्ची
शिमला चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी की अध्यक्ष अमिता भारद्वाज ने कहा कि मध्य प्रदेश की मासूम बच्ची को टूटीकंडी बालिका आश्रम में रखा गया है. उसकी काउंसलिंग हो रही है, अगर घर वाले इस मासूम को लेकर नहीं जाना चाहते, तो इसे आश्रम में रखकर ही पढ़ाया-लिखाया जाएगा. मिता भारद्वाज ने खुद जब एक मां की तरह उससे कुछ जानना चाहा, तो उसने यह भी कहा कि जब मुझे लाया गया था, तो और भी लड़कियां उसके साथ थीं.
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