VIDEO: शिमला के अन्नाडेल मैदान में पहली बार उतरा Chinook हेलीकॉप्टर
Shimla News in Hindi

VIDEO: शिमला के अन्नाडेल मैदान में पहली बार उतरा Chinook हेलीकॉप्टर
शिमला के अन्नाडेल मैदान में चिनूक की लैंडिंग हुई है.

यह हेलीकॉप्टर 20000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है और 10 टन वजन उठाकर कहीं भी ले जा सकता है. इसकी रफ्तार 280 किमी प्रति घंटे तक रहती है.

  • Share this:
शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला (Shimla) के ऐतिहासिक अनाडेल ग्राउंड पर सेना के अत्याधुनिक चिनूक (Chinook) हेलिकॉप्टर की लैंडिंग हुई है. बुधवार को यह हैलीकॉप्टर अन्नाडेल (Annadale Ground Shimla) में लैंड हुआ है. हालांकि, यह पता नहीं चल पाया है कि चिनूक हेलीकॉप्टर की लैंडिंग (Landing) यहां क्यों हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि चीन से तनाव के चलते इसकी ट्रायल लैंडिंग यहां हुई है.

बता दें कि हिमाचल की 242 किमी की सीमा चीन (China) के कब्जे वाले तिब्बत (Tibet) से लगती है. किन्नौर और लाहौल स्पीती का इलाका तिब्बती सीमा से लगता है.

पहली बार शिमला में चिनूक हेलीकॉप्टर उतरा है.

शिमला का अनाडेल मैदान में सेना के पास



गौरतलब है कि शिमला का अन्नाडेल मैदान सेना के कब्जे में हैं. यहां पर हवाई उड्डाने होती रहती हैं. शिमला के लिए आने वाले सरकारी हेलीकॉप्टर ज्यादातार बार यहीं उतरते और उड़ाने भरते हैं. चंडीगढ़ बेस से उड़ान भरने के बाद चिनूक हेलीकॉप्टर ने अनाडेल मैदान में लैंड किया.

शिमला के अन्नाडेल मैदान पर आर्मी का कब्जा है.


चिनूक की खासियत

चिनूक दो रोटर वाला हैवीलिफ्ट हेलीकॉप्टर है. अमेरिका ने इसी हेलीकॉप्टर की मदद से ही अपने कई बड़े ऑपरेशन किए हैं. फिलहाल, भारत के पास चार ऐसे हेलीकॉप्टर हैं और ऐसे 15 हेलीकॉप्टर खरीदे गए हैं. इस हेलीकॉप्टर में एकीकृत डिजिटल कॉकपिट मैनेजमेंट सिस्टम है. इसमें कॉमन एविएशन आर्किटेक्चर कॉकपिट और एडवांस्ड कॉकपिट जैसी विशेषताएं  भी हैं.

सेना का चिनूक हेलीकॉप्टर.


इस हेलिकॉप्टर में एक बार में गोला बारूद, हथियार के अलावा सैनिक भी जा सकते हैं. इसे राडार से पकड़ पाना मुश्किल है. यह हेलीकॉप्टर 20000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है और 10 टन वजन उठाकर कहीं भी ले जा सकता है. चिनूक की रफ्तार 280 किमी प्रति घंटे तक रहती है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading