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हिमाचल बिजली बोर्ड का पत्र: 1500 आउटसोर्स कर्मियों को निकालने की तैयारी

हिमाचल प्रदेश बिजली विभाग. (सांकेतिक तस्वीर)

हिमाचल प्रदेश बिजली विभाग. (सांकेतिक तस्वीर)

Out source Employee in Himachal: हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह 989 ऑउटसोर्स कर्मियों को जल शक्ति विभाग में मर्ज करेंगे. कैबिनेट में सरकार यह प्रस्ताव लाएगी. ऐसे में अब सवाल उठता है कि एक ही सरकार में ऑउटसोर्स कर्मियों के साथ दोहरा रवैया क्यों अपनाया जा रहा है.

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शिमला. हिमाचल राज्य बिजली बोर्ड (Himachal Electricity Department) से करीब 1500 आउटसोर्स कर्मियों को निकालने की तैयारी शुरू हो गई है. नवनियुक्त 1552 जूनियर टीमेट और जूनियर हेल्परों के पद संभालते ही आउटसोर्स पर लगे इन कर्मचारियों (Out Source Employe) को अब छुट्टी देने का फैसला हुआ है. हालांकि, बोर्ड प्रबंधन के इस फैसले का विरोध भी हो रहा है. मजदूर संगठन सीटू इन कर्मचारियों की बहाली के लिए 17 मार्च को विधानसभा घेराव करेगा.

कई साल से कर रहे थे काम
बीते करीब सात-आठ वर्षों से बिजली बोर्ड ने स्टाफ की कमी के चलते ठेकेदारों के माध्यम से आउटसोर्स पर कई कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं. बीते दो-तीन वर्षों से इनकी सेवाएं बंद करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन बोर्ड में नई भर्तियां न होने से इन कर्मियों को सेवा विस्तार दिया जाता रहा. अब प्रबंधन की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जूनियर टीमेट और जूनियर हेल्परों के पद संभालते ही आउटसोर्स पर लगे लोगों की सेवाएं समाप्त की जाएं.

बिजली विभाग की ओर से जारी पत्र.

एक ही सरकार में दोहरे मापदंड क्यों?


हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह 989 ऑउटसोर्स कर्मियों को जल शक्ति विभाग में मर्ज करेंगे. कैबिनेट में सरकार यह प्रस्ताव लाएगी. ऐसे में अब सवाल उठता है कि एक ही सरकार में ऑउटसोर्स कर्मियों के साथ दोहरा रवैया क्यों अपनाया जा रहा है. एक विभाग जहां इन्हें कहीं ना कहीं रोजगार देने की बात करता है तो दूसरा रोजगार छीनने का फैसला लेता है. ऐसे में अब सरकार के फैसलों पर उंगुली उठ रही है.
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