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सरकार के दावों की खुली पोल, हिमाचल में सड़कों पर 24 हजार बेसहारा पशु

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 4, 2019, 12:33 PM IST
सरकार के दावों की खुली पोल, हिमाचल में सड़कों पर 24 हजार बेसहारा पशु
हिमाचल में सड़कों पर गोवंश.

सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश के लिए उन्हें छोड़ने वाले लोग भी जिम्मेदार हैं. जब गाय से दूध मिलता है तो उसे पालते हैं, लेकिन बाद में सड़कों पर तड़पने के लिए छोड़ देते हैं.

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शिमला. हिमाचल की सड़कें (Roads) अभी भी बेसहारा घूम रहे गोवंश (Cow) से अटी पड़ी है. तमाम दावों के बावजूद भी आवारा पशु सड़कों पर बढ़ रहे हैं, जिससे हादसे भी हो रहे हैं. सत्तासीन सरकारें आवारा पशुओं से मुक्ति दिलाने के बेशक लाख दावे करें, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकाल पाई हैं. हालात यह हैं कि हिमाचल में 24 हजार बेसहारा पशु सड़कों पर है, जिससे आए दिन हादसे भी हो रहे हैं.

जयराम सरकार ने सत्ता में आते ही गो-सेवा आयोग (Go Seva Commission ) भी बनाया, जिसमें कहा गया था कि आवारा पशुओं के लिए गौशालाएं और काऊ सेंक्चुरी बनेंगी. लेकिन अब तक जमीन पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा है. हालांकि, पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर (Virender Kanwar) का दावा है कि दो वर्ष में करीब 4 हजार आवारा पशुओं को काऊ सेंक्चुरी और गोशालाओं में पहुंचा दिया है.

इन जिलों में सबसे अधिक गोवंश
हिमाचल में कुल्लू, मंडी और कांगड़ा तीन ऐसे जिला है, जहां पर सबसे ज्यादा बेसहारा पशु सड़कों पर हैं. अकेले कांगड़ा में ही 5 हजार से ज्यादा बेसहारा पशु हैं. पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर का कहना है कि प्रदेश के हर जिला में काऊ सेंक्चुरी बन रही है. हर जिला को बारी-बारी से आवारा पशु मुक्त किया जाएगा, जिसकी शुरूआत सिरमौर जिला के कोटला बड़ोग से होगी.

यह बोले मंत्री
मंत्री ने कहा कि इन्वेस्टर मीट के बाद सीएम से चर्चा करने के बाद सिरमौर जिला के सभी बेसहारा पशुओं को कोटला बड़ोग काऊ सेंक्चुरी में रखा जाएगा. इसके बाद सोलन में हांडा कुंडी, ऊना में थानाकंला और फिर कांगड़ा में काऊ सेंक्चुरीज को बेसहारा पशुओं से भरा जाएगा. हालांकि कुल्लू और मंडी में सरकार ने वन विभाग की भी मदद लेने की योजना बनाई है. क्योंकि यहां गर्मियों में आवारा गोवंश पहाड़ों पर घास चरने के लिए भेजा जा सकता है और सर्दियों में निचले क्षेत्रों में आने पर वन विभाग उनकी देखरेख करेगा. वहीं, दूसरी ओर घरों में मौजूद गोवंश की सरकार टैगिंग करेगी ताकि लोग उन्हें सड़कों पर न छोड़ सकें

लोग भी जिम्मेदार
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सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश के लिए उन्हें छोड़ने वाले लोग भी जिम्मेदार हैं. जब गाय से दूध मिलता है तो उसे पालते हैं, लेकिन बाद में सड़कों पर तड़पने के लिए छोड़ देते हैं. बहरहाल, सरकार के प्रयासों के साथ-साथ आम लोगों को भी जागरूक करने की जरूरत है ताकि यह समस्या और ज्यादा न बढ़े.

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First published: November 4, 2019, 12:30 PM IST
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