हिमाचल में इस साल 6 महीने में 856 सड़क हादसे, 308 लोगों की मौत
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हिमाचल में इस साल 6 महीने में 856 सड़क हादसे, 308 लोगों की मौत
हिामचल में सड़क हादसे.

लॉकडाउन (Lockdown) में सड़क हादसे (Road Accident) कम हुए, लेकिन इस साल के शुरूआती 6 महीनों में हुई दुर्घटनाओं को लेकर हिमाचल पुलिस ने जो आंकड़े जारी किए हैं, वो चिंतित करने वाले हैं.

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शिमला. देवभूमि हिमाचल (Himachal Pradesh) को हादसों का प्रदेश भी कहा जाता है, लेकिन 2020 में इस छवि में थोड़ा सुधार हुआ है. लॉकडाउन के चलते हादसों (Accident) में कमी जरूर आई है लेकिन मरने वालों का आंकड़ा अब भी परेशान करने वाला है. कोरोना संकट (Corona Virus) के दौरान देश के बाकी राज्यों की तरह हिमाचल में भी लॉकडाउन और कर्फ्यू लगाया गया. लॉकडाउन के वक्त आवाजाही सीमित रही और ज्यादातर गाड़ियों के पहिए थमे रहे. लॉकडाउन (Lockdown) में सड़क हादसे (Road Accident) कम हुए, लेकिन इस साल के शुरूआती 6 महीनों में हुई दुर्घटनाओं को लेकर हिमाचल पुलिस ने जो आंकड़े जारी किए हैं, वो चिंतित करने वाले हैं.

रोजोना हो रही हैं मौतें

साल 2020 में शुरूआती 6 महीनों में हर रोज एक ज्यादा व्यक्तियों की मौत हुई है और हर 24 घंटे के भीतर 6 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. 1 जनवरी से 30 जून 2020 तक 308 लोग सड़क हादसों में जान गवां चुके हैं, 1272 लोग चोटिल हुए हैं, जाने कितने लोग जिंदगी भर के लिए अपाहिज हुए हैं.
कहां-कहां कितनी दुर्घटनाएं
इस अवधि में कुल 856 एक्सिडेंट के मामले सामने आए हैं, इस साल अब तक शिमला जिले में सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं. इन शुरूआती 6 महीनों में शिमला में 155, कांगड़ा में 149, मंडी में 115, सिरमौर में 77, ऊना में 69, बद्दी,बरोटीवाला और नालागढ़ क्षेत्र में 64, कुल्लू जिले में 52, सोलन में 47, बिलासपुर में 45, हमीरपुर में 38, चंबा में 33, किन्नौर में 8 और लाहौल-स्पिती जिले में 4 हादसे हुए हैं.



कमल वर्मा, डीएसपी ट्रैफिक शिमला का कहना है कि  पिछले चार सालों के हादसों की बात करें तो यह साल थोड़ा बेहतर नजर आ रहा है, लेकिन इसकी वजह कोरोना संकट है.

हर साल साढ़े 1100 से ज्यादा मौत
साल 2019 में कुल 2897 सड़क हादसे हुए, जिनमें 1199 लोग काल के काल में समा गए और 4737 घायल हुए. 2018 में 3119 हादसों में 1168 लोगों की जान गई और 5444 चोटिल हुए हैं. साल 2017 में भी कुल 3119 दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 1176 लोग मौत का शिकार हुए और घायलों की संख्या 5338 थी. साल 2016 की बात करें तो कुल 3156 हादसों में 1163 लोगों की मौत हुई और 5587 लोग घायल हुए. इन चार सालों का औसत देखें तो हर साल 1150 से ज्यादा लोगों की जान गई है और हर साल करीब 5 हजार लोग घायल हुए हैं.

क्या कहती है पुलिस
पुलिस लोगों को एतियात से गाड़ी चलाने की सलाह दे रही है. शिमला के डीएसपी कमल वर्मा का कहना है कि अब तक देखा जाए तो नशा और तेज रफ्तारी बड़ी वजह सामने आई है. लॉकडाउन के दौरान जो हादसे हुए हुए हैं उनमें ओवर स्पीड मुख्य कारण निकल कर आया है. पहाड़ी क्षेत्रों की अपेक्षा हाईवे पर वाहनों के टकराने के ज्यादा मामले हैं.
सड़कों की खस्ता हालत पर सरकार दे ध्यान
पुलिस लगातार अपील कर रही है कि ध्यान से गाड़ी चलाएं लेकिन बहुत स्थानों पर देखा जाए तो सड़कों की खस्ता हालत, ब्लैक स्पॉट, पैराफिट का न होना भी एक बड़ी वजह है जिस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए. देवभूमि में हर साल होने वाले हादसों के अध्ययन से यही कहा जा सकता है कि हिमाचल में सड़क दुर्घटना एक महामारी है, कोरोना की तरह ही इसके खिलाफ भी लड़ाई लड़नी जरूरी है.
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