सिरमौर में गिरी नदी पर बनने वाले रेणुका बांध पर हिमाचल समेत 6 राज्यों में ‘MOU’

प्रोजेक्ट की मुख्य लागत 4557 करोड़ रुपये है. कुल लागत का 10% सभी राज्यों को मिलकर देना है और बाकी 90% रकम केंद्र की ओर से दी जाएगा.

News18 Himachal Pradesh
Updated: January 11, 2019, 3:07 PM IST
सिरमौर में गिरी नदी पर बनने वाले रेणुका बांध पर हिमाचल समेत 6 राज्यों में ‘MOU’
सांकेतिक तस्वीर.
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Updated: January 11, 2019, 3:07 PM IST
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में गिरी नदी पर बनाने वाले बांध को लेकर नई दिल्ली में मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग (MOU) हुआ है. नई दिल्ली में हिमाचल, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों के बीच बैठक हुई और इसमें इस एमओयू पर साइन किए गए.

जानकारी के अनुसार, यमुना की यह सहायक नदी उत्तरखंड से हिमाचल होते हुए 6 राज्यों से होकर जाती है. सिरमौर में नदी पर 148 मीटर ऊंचा रॉकफिल्ड डैम बनाया जाएगा.

इसमें 40MW बिजली की तैयार की जाएगी. इसमें दस मेगावॉट बिजली मिलेगी और इस पर होने वाले खर्च दस फीसदी हिमाचल वहन करेगा. हालांकि पानी अन्य राज्यों में बंटेगा. प्रोजेक्ट की मुख्य लागत 4557 करोड़ रुपये है. कुल लागत का 10% सभी राज्यों को मिलकर देना है और बाकी 90% रकम केंद्र की ओर से दी जाएगा.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, जब सभी प्रोजेक्ट शुरू हो जाएंगे तो इतना पानी होगा कि पंजाब-हरियाणा का पानी विवाद खत्म भी हो जाएगा. दिल्ली में 50 वर्ष तक पानी खत्म नहीं होगा. उधर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आज एक ऐतिहासिक एमओयू हुआ है. ये प्रोजेक्ट 1972 से तैयार किए गए थे, जिनमें रेणुका डैम, लखवार डैम और किसाऊ डैम शामिल हैं. इस तीनों डैम से कुल पानी से 47% पानी हरियाणा को मिलना है.

1142 परिवारों का विस्थापन
रेणुका जी बांध गिरी नदी पर बनना प्रस्तावित है, जिससे करीब 40 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा. रेणुका बांध बनने से यहां 1142 परिवारों का विस्थापन होना है, जिसमें कुल 32 गांव शामिल है. शुरुआती चरण में करीब 300 करोड़ रुपए का मुआवजा यहां पर दिया जाना है, जिसमें से 270 करोड़ों रुपए का मुआवजा दिया जा चुका है. विस्थापित होने वाले लोगो के लिए सिरमौर के पुरुवाला और सराहा में जगह देखी गई है. बांध से देश की राजधानी दिल्ली को करीब 23 क्यूसेक पानी दिया जाएगा. वहीं यह भी पहले तय किया गया है कि स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में देखते हुए इस बांध का निर्माण किया जाए.

तीन डैम को लेकर होने हैं समझौतें
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बता दें कि पिछले लंबे से विभिन्न राज्यो की आपसी सहमति नहीं बन सकी थी. तीन महीने पहले लखवार का एमओयू हुआ था. आज रेणुका डैम को लेकर समझौता हुआ और अगले 15 दिनों में किसाऊ डैम का एमओयू साइन किया जाएगा. इन तीनों डैम से बिजली का फायदा हिमाचल और उत्तराखंड को होगा. वहीं, हरियाणा को पानी का फायदा सबसे ज्यादा और फिर राजस्थान और दिल्ली को लाभ मिलेगा.

उधर, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत द्वारा इस प्रोजेक्ट में हरियाणा सरकार के बाधा डालने के ब्यान पर सीएम हरियाणा ने कहा है कि जब तीनों डैम बन जाएंगे, तो हम उनका पानी छोड़ने के लिए तैयार हैं, बशर्ते, उनकी ओर से जो हमारा पानी है और 2-3 नदियों से रोका है, उन्हें वह हमें देना होगा. दक्षिण हरियाणा की कुछ नदियों का पानी राजस्थान ने रोका है.

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